अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में बड़ी संख्या में भारतीय अमेरिकी लोगों ने भी ट्रंप का समर्थन किया था। अब ट्रंप की जीत से भारतीय अमेरिकियों का ये वर्ग खुश है और उन्हें उम्मीद है कि ट्रंप के कार्यकाल में भारत और अमेरिका के संबंध और मजबूत होंगे। साथ ही वे अर्थव्यवस्था, सीमा सुरक्षा और वैश्विक शांति को लेकर भी आशावान हैं।
ट्रंप की जीत पर क्या बोले भारतवंशी नेता
फॉरेन इंडियन एसोसिएशन नामक संगठन के अध्यक्ष अविनाश गुप्ता को लगता है कि पीएम मोदी के डोनाल्ड ट्रंप के साथ अच्छे संबंध हैं और इसके चलते दोनों देशों के रिश्तों में आज प्रगाढ़ता आएगी। अविनाश गुप्ता ने कहा कि 'उन्होंने उसे वोट किया, जो भारत-अमेरिकी दोस्ती के लिए सबसे सही था। राष्ट्रपति ट्रंप के प्रधानमंत्री मोदी के साथ अच्छे संबंध रहे हैं। साथ ही जिन स्थानीय मुद्दों पर ट्रंप का समर्थन किया गया, उनमें महंगाई, सीमाओं की सुरक्षा और दुनिया के विभिन्न हिस्सों में चल रहे युद्धों आदि जैसे मुद्दे हैं। हम उम्मीद कर रहे हैं कि अर्थव्यवस्था बेहतर होगी और वैश्विक शांति स्थापित होगी।'
'मोदी और ट्रंप युद्धों के खिलाफ'
भारतवंशी अमेरिकी नेता आलोक कुमार ने कहा कि 'भारत और अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े और सबसे पुराने लोकतंत्र हैं और दोनों देशों के मूल्य साझा हैं। राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी, दोनों ने ही वैश्विक संघर्षों को खत्म करने की अपील की है और मुझे लगता है कि ट्रंप प्रशासन इस दिशा में प्रयास जरूर करेगा।'
रिपब्लिकन पार्टी के नेता और रिपब्लिकन हिंदू कोएलिशन के संस्थापक शलभ सलिल कुमार ने कहा कि 'स्विंग स्टेट में जहां कांटे की टक्कर थी, वहां हम बड़ी संख्या में हिंदू मतदाताओं को ट्रंप के पक्ष में लाने में कामयाब हुए और उन्होंने बड़ा अंतर पैदा किया। शलभ ने कमला हैरिस की आलोचना करते हुए कहा कि वह सिर्फ आधी हिंदू हैं और वे वामपंथी विचारधारा की समर्थक हैं और हम भारतीय मतदाताओं को उनकी असलियत बताने में कामयाब रहे।'
राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की ऐतिहासिक जीत के बाद उनका दूसरी बार अमेरिका का राष्ट्रपति बनना तय हो गया है। इससे पहले साल 2020 में उन्हें जो बाइडन के सामने हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि इस बार ट्रंप ने कमला हैरिस को हराकर फिर से व्हाइट हाउस जाना तय कर लिया है।
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