भारतीय वैज्ञानिक के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने सस्ता और बिना बिजली के चलने वाला सेंट्रीफ्यूज विकसित किया है, जिससे कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगाया जा सकता है। गरीब देशों में यह कोरोना महामारी के खिलाफ लड़ाई में काफी उपयोगी साबित हो सकता है।
स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक मनु प्रकाश के मुताबिक, ‘हैंडीफ्यूज’ नामक यह उपकरण कोरोना संदिग्ध के लार के नमूनों से वायरस जीनोम को अलग कर सकता है। यह काफी तेज गति से सैंपल वाली ट्यूब को घुमाता है और इसमें बिजली की भी आवश्यकता नहीं होती।
प्लेटफार्म मेडरिक्सिव में प्रकाशित अध्ययन में कहा गया है कि इस सेंट्रीफ्यूज की कीमत पांच अमेरिकी डॉलर से भी कम है। इससे चिकित्सकों व वैज्ञानिकों को मरीज के लार के नमूने द्वारा की जाने वाली जांच ‘लैंप’ में आसानी होगी। इससे जांच जल्दी और सस्ती होगी।