प्रेमा एस नारायणसामी (64) को 14 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। म्यांमार मूल की 24 वर्षीय पियांग नगैह डॉन के साथ प्रेमा ने 14 महीने तक लगातार दुर्व्यवहार किया था। इस वजह से 2016 में गर्दन के ब्लंट ट्रामा के कारण पियांग की मौत हो गई थी।
भारतीय मूल की महिला पर सिंगापुर में नौकरानी के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप है। गुरुवार को कोर्ट में महिला ने स्वीकार किया कि उन्होंने सबूत मिटाने के लिए अपने दामाद से सीसीटीवी फुटेज हटाने के लिए कहा था।
बेटी को 30 साल के कारावास की सजा
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जानकारी के अनुसार, प्रेमा एस नारायणसामी (64) को 14 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। म्यांमार मूल की 24 वर्षीय पियांग नगैह डॉन के साथ प्रेमा ने 14 महीने तक लगातार दुर्व्यवहार किया था। इस वजह से 2016 में गर्दन के ब्लंट ट्रामा के कारण पियांग की मौत हो गई थी। कोर्ट ने 2021 में नौकरानी के साथ दुर्व्यवहार करने के आरोप में प्रेमा की बेटी गायथिरी को 30 साल के कारावास की सजा सुनाई थी। गुरुवार को प्रेमा ने स्वीकार किया कि उन्होंने पुलिस में पदस्थ अपने दामाद केविन चेल्वम (44) को सबूत मिटाने के लिए उकसाया था।
दामाद ने प्रेमा को सौंपा सीसीटीवी
कोर्ट में सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि प्रेमा जानती थी कि नौकरानी को डराने-धमकाने का पूरा वीडियो सीसीटीवी में कैद हो गया है। इसलिए वह अपने दामाद को शक्ति का दुरुपयोग कर सीसीटीवी हटाने के लिए उकसा रही थी। अभियोजन का दावा है कि चेल्वम ने पहले तो यह करने के लिए मना कर दिया था लेकिन बाद में उसने सीसीटीवी प्रेमा को सौंप दिया। एक बार जब दूसरे अधिकारी ने फुटेज मांगे तब चेल्वम ने झूठ भी बोल दिया कि कोई फुटेज नहीं है। इसके बाद प्रेमा ने फुटेज अपनी बहू के बैग में फुटेज डाल दिया। बहू ने वही फुटेज अपने बेटे को दिया और कहा कि इसे छिपा देना। इसके बाद बेटे ने वह फुटेज अपने दोस्त को सौंप दिया। मामले का खुलासा तब हुआ, जब पुलिस प्रेमा के घर पहुंची और सीसीटीवी के बारे में पूछताछ की। मामले में अभियोजन ने तीन साल के कारावास का आग्रह किया है। जबकि, दूसरे पक्ष ने 18 से 24 महीने के कारावास की मांग की है। कोर्ट ने मामले को अगली सुनवाई तक के लिए टाल दिया है।