एक महिला ने 2018 में उसके खिलाफ शिकायत दी तो जांच शुरू हुई। अब उसे 54 अपराधों का दोषी ठहराया गया है, जबकि नौ साबित नहीं हो सके। सजा अगले महीने सुनाई जाएगी। पासपोर्ट जमा कराने की शर्त पर उसे जमानत मिल गई।
भारतीय मूल के जनरल प्रैक्टिशनर (जीपी) 72 वर्षीय डॉ. कृष्ण सिंह को 35 साल के दौरान 48 मरीजों से यौन अपराध के लिए दोषी ठहराया गया है। कृष्ण सिंह पर अपनी मरीजों को चूमने, छूने, अभद्र उदाहरण देने, भद्दी टिप्पणियां करने दोष साबित हुआ है।
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ग्लासगोव हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान उसने कहा कि मरीज गलत थीं। कुछ उदाहरण उसे भारत में मेडिकल ट्रेनिंग के दौरान पढ़ाए गए थे। आरोप फरवरी 1983 से मई 2018 के बीच के हैं। घटनास्थल उत्तरी लनार्कशायर में उसका क्लीनिक, एक अस्पताल, आपातकालीन वार्ड, पुलिस स्टेशन और विजिट के दौरान मरीजों के घर थे।
सरकारी वकील ने कोर्ट से कहा कि कृष्ण महिलाओं से अपराध करने का आदी है, कई बार छुपाकर और कई बार खुलेआम। समाज में सम्मानित माने जाने वाले कृष्ण को मेडिकल सेवा में योगदान के लिए रॉयल मेंबर ऑफ द ऑर्डर ऑफ ब्रिटिश एंपायर (एमबीई) उपाधि दी गई थी।
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एक महिला ने 2018 में उसके खिलाफ शिकायत दी तो जांच शुरू हुई। अब उसे 54 अपराधों का दोषी ठहराया गया है, जबकि नौ साबित नहीं हो सके। सजा अगले महीने सुनाई जाएगी। पासपोर्ट जमा कराने की शर्त पर उसे जमानत मिल गई।