हमास और इस्राइल बीते छह महीने से जंग लड़ रहे हैं। इस्राइल द्वारा हमास को खत्म करने का संकल्प गाजा पट्टी के लोगों पर भारी पड़ रहा है। गाजा में पैदा हुई मानवीय परिस्थितियों को लेकर अमेरिका में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। कई विश्वविद्यालय के छात्र इस्राइल के खिलाफ विरोध- प्रदर्शन कर रहे हैं। बिगड़ते माहौल को देखते हुए कई छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया था। इन गिरफ्तार लोगों में एक भारतीय मूल की छात्रा भी है।
तमिलनाडू में जन्मी अचिंत्या गिरफ्तार
प्रिंसटन विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली भारतीय मूल की एक छात्रा उन दो छात्रों में शामिल है, जिन्हें परिसर में फलस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया और परिसर से बाहर जाने से रोक दिया गया। विश्वविद्यालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि तमिलनाडू के कोयंबटूर में जन्मी और कोलंबस में पली-बढ़ी अचिंत्या शिवलिंगन के विश्वविद्यालय परिसर में आने पर रोक लगाने का फैसला लिया है। साथ ही उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का निर्णय लिया।
सुबह लगभग सात बजे लगाए टेंट
प्रिंसटन एलुमनी वीकली ने एक रिपोर्ट में बताया कि प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार सुबह लगभग सात बजे मैककोश कोर्टयार्ड में फलस्तीनियों के समर्थन के लिए टेंट लगाए थे। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने टेंट हटाने की चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने नहीं हटाए। इसके बाद दो छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया। इसे देखकर अन्य प्रदर्शनकारियों ने सामान समेट लिया और शांति से धरना देना जारी रखा।
100 छात्रों ने किया विरोध-प्रदर्शन
करीब 100 छात्रों ने गुरुवार की सुबह मैककोश कोर्टयार्ड पर विरोध-प्रदर्शन किया। छात्रों द्वारा टेंट लगाए जाने के बाद प्रिंसटन पब्लिक सेफ्टी (PSAFE) ने पहले चेतावनी दी। इसके बाद कम से कम दो छात्रों को गिरफ्तार किया गया है। टेंट लगाए जाने के छह मिनट बाद ही दो छात्रों अचिंत्या शिवलिंगम जीएस और हसन सयैद जीएस को गिरफ्तार कर लिया गया था।
विश्वविद्यालय की प्रवक्ता जेनिफर मोरिल ने बताया, 'स्नातक कर रहे दोनों छात्रों को तुरंत कैंपस से निकाल दिया गया। आगे कार्रवाई की जाएगी।' उन्होंने बताया कि छात्रों को गिरफ्तार करते समय किसी बल प्रयोग नहीं किया गया था।
घरों से निकाला
पीएचडी प्रथम वर्ष की छात्रा उर्वी ने गिरफ्तारी को हिंसक बताया। उर्वी ने कहा कि उन्हें उनके घरों से भी निकाल दिया गया है और उनका सामान लेने के लिए पांच मिनट से कम समय दिया गया है।
इस्राइल-हमास के बीच छह माह से जंग जारी
हमास ने सात अक्तूबर को इस्राइली शहरों पर पांच हजार से ज्यादा रॉकेट दागकर हमले की शुरुआत की थी। इसके बाद हमास के आतंकियों ने इस्राइल में घुसकर लोगों को मौत के घाट उतारा। इसके जवाब में इस्राइल ने हमास आतंकियों के खिलाफ गाजा में ऑपरेशन शुरू किया था। इस ऑपरेशन में गाजा स्थित हमास के ठिकानों पर जबरदस्त बमबारी की गई है, जिससे अधिकतर गाजा खंडहर में तब्दील हो गया है। अब तक इस्राइल और गाजा में कुल मिलाकर 30000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। बता दें कि गाजा के अधिकारियों का कहना है कि सात अक्तूबर के बाद से गाजा में इस्राइल के सैन्य अभियान में अब तक उनके 34,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जबकि हजारों शवों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है।