अर्थशास्त्री थर्मन शनमुगरत्नम सिंगापुर के नए राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं। उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में शानदार जीत दर्ज की है। 2011 के बाद थर्मन पहले राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने 70 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल किए हैं। आज हम आपको बताते हैं कि आखिर कौन है थर्मन शनमुगरत्नम, जिन्होंने रिकॉर्ड वोटों से शानदार जीत दर्ज की है।
चार भाषाएं बोलने में माहिर, ब्रिटेन-अमेरिका में हुई पढ़ाई
ऐसा रहा उनका करियर
पढ़ाई के बाद थर्मन ने अपने करियर की शुरुआत करियर मॉनिएटरी अथॉरिटी ऑफ सिंगापुर से की थी। बता दें, एमएएस सिंगापुर का सेंट्रल बैंक और फाइनेंशियर रेगुलेटर है। कुछ वर्षों बाद वे एमएमएस के चैयरमैन के रूप भी नियुक्त किए गए। उन्होंने जीआईटी के डिप्टी चैयरमैन के रूप में भी काम किया है। वैश्विक आर्थिक मंदी के दौर में उन्होंने आर्थिक सलाह भी दिया था, जिस वजह से उन्हें काफी सराहा गया था। अलग-अलग पदों पर काम करने और अपनी जिम्मेदारियों को सफलता से पूरा करने के बाद थर्मन ने साल 2001 में राजनीति में कदम रखा। 2011-2019 तक उन्होंने सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री के रूप में अपनी भूमिका का निर्वहन किया। इसके अलावा, थर्मन सिंगापुर के केंद्रीय मंत्री रहते हुए दो बड़े मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। 2007 से 2015 तक वे सिंगापुर के शिक्षा मंत्री रहे तो वहीं 2003 से 2008 तक वे वित्त मंत्री भी रह चुके हैं। सिंगापुर की मौजूदा राष्ट्रपति हलीमा याकूब का कार्यकाल 13 सितबंर को पूरा होगा। थर्मन 14 सितंबर को सिंगापुर के राष्ट्रपित के तौर पर अपना नया पद ग्रहण करेंगे।
भारतीय मूल के तीसरे राष्ट्रपति हैं थर्मन