रंगभेद के खिलाफ काम करने वाले भारतवंशी डॉ राशिद अहमद महमूद (87) का दक्षिण अफ्रीका में निधन हो गया। लोग प्यार से उन्हें राशिद ‘राम’ सालोजी पुकारते थे। उन्होंने गौटेंग स्थित अपने घर में बुधवार को अंतिम सांस ली। सालोजी ने 1980-90 के दशक के मुक्ति आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी।
इसी आंदोलन के बाद नेल्सन मंडेला 1994 में दक्षिण अफ्रीका के पहले लोकतांत्रिक राष्ट्रपति चुने गए। सालोजी 1993 में मंडेला के नेतृत्व में ईरान, फ्रांस और सऊदी अरब गए अफ्रीकी राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में भी शामिल थे। उनके परिवार में बेटी यास्मिन और बेटा महमूद व उनके बच्चे हैं।