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सिंगापुर : भारतवंशी प्रीतम सिंह बने देश के पहले औपचारिक नेता विपक्ष

Tue, 01 Sep 2020 02:45 AM IST
Jeet Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
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प्रीतम सिंह - फोटो : facebook
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सिंगापुर में भारतीय मूल के राजनेता प्रीतम सिंह ने सोमवार को उस वक्त इतिहास लिख दिया जब उन्हें देश की संसद ने उन्हें पहले नेता प्रतिपक्ष के रूप में विशेषाधिकार सौंपे। सिंह की वर्कर्स पार्टी 10 जुलाई को हुए आम चुनाव में 93 में से 10 संसदीय सीटों पर जीत हासिल कर चुकी है। यह सिंगापुर के संसदीय इतिहास में विपक्ष की पहली सबसे बड़ी मौजूदगी है।

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बता दें कि इससे पहले देश की संसद में कभी भी नेता प्रतिपक्ष का औपचारिक पद नहीं रहा है। सोमवार को जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, सदन की नेता इंद्राणी राजह ने औपचारिक रूप से 43 वर्षीय सिंह को देश के पहले नेता प्रतिपक्ष की मान्यता दी।

देश की सत्तारूढ़ पीपुल्स एक्शन पार्टी (पीएपी) की नेता और भारतीय मूल की इंद्राणी ने कहा, राजनीति में विचारों की अधिक विविधता के लिए सिंगापुर के लोगों ने मजबूत इच्छाशक्ति का परिचय दिया है। बता दें कि पीएपी का 83 सदस्यों के साथ सदन में पूर्ण बहुमत है।
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सदन ने एक प्रस्ताव लाकर सिंह को 20 मिनट के बजाय बोलने के लिए दोगुना 40 मिनट का समय आवंटित किया गया। प्रीतम सिंह ने प्रधानमंत्री ली के चैंबर से ठीक विपरीत सीट ग्रहण की।

सिंह को मिलेंगे जरूरी संसाधन
आम चुनाव के बाद सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सियांग लूंग ने कहा था कि सिंह को 14वीं संसद में विपक्ष के नेता के रूप में नामित किया जाएगा और उन्हें उनके कर्तव्यों को निभाने के लिए कर्मचारी और जरूरी संसाधन भी मुहैया कराए जाएंगे। इससे पहले भी देश में विपक्ष के नेता सिंगापुर पीपुल्स पार्टी के पूर्व प्रमुख चीम सी टोंग रहे हैं लेकिन यह पहली बार है जब इस पद को आधिकारिक मान्यता दी जा रही है।

अतिरिक्त विशेषाधिकार भी मिले
सिंगापुर की संसद के कानून के मुताबिक प्रीतम सिंह को ज्यादा जिम्मेदारियां दी गई हैं और उन्हें विपक्ष के नेता की भूमिका के तौर पर अतिरिक्त विशेषाधिकार भी दिए गए हैं। इनके तहत प्रीतम सिंह नीतियों, विधेयकों और प्रस्तावों पर संसदीय बहसों में वैकल्पिक विचार पेश करेंगे। इसके अलावा सरकार की नीतियों की आलोचना, उनकी खामियों की ओर ध्यान दिलाने की उनकी जिम्मेदारी होगी।

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