ब्रिटेन के इंग्लैंड में एक भारतीय मूल के व्यक्ति को पद का दुरुपयोग करके धोखाधड़ी के एक मामले में दोषी ठहराया गया है और उसे कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई है। रिपोर्ट के मुताबिक उनसे अपने पद पर रहते हुए करीब 50,000 ग्रेट ब्रिटेन पाउंड की धोखाधड़ी की। आरोपी का नाम सनी भयानी है जिसकी उम्र करीब 62 साल है।
कोर्ट ने रकम वापस करने का आदेश दिया
टेम्स वैली पुलिस की जांच के आधार पर पिछले हफ्ते आयल्सबरी क्राउन कोर्ट ने जिस पद पर वह काम कर रहा था वहां से उसे दो साल लिए निलंबित कर दिया और आरोपी भयानी कैद की सजा सुनाई और इतना ही ने कोर्ट ने उसे धोखाधड़ी में जितनी रकम की उसने हेराफेरी की उतनी रकम वापस करने का भी आदेश दिया है।
पांच साल तक चली जांच
टेम्स वैली पुलिस के जांच अधिकारी डिटेक्टिव कॉन्स्टेबल जेम्मा थॉम्पसन ने कहा कि यह एक असाधारण रूप से लंबी और जटिल जांच में से एक है, इसमें करीब पांच साल से अधिक का समय लगा और इसमें बड़ी संख्या में अधिकारी शामिल हैं।
भयानी ने अपने पद का फायदा उठाया
उन्होंने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी भयानी के पास भरोसेमंद पद था जिसका उन्होंने फायदा उठाया और उन्होंने अपनी ही कंपनी के वित्तीय हितों की अनदेखी करते हुए धोखाधड़ी की। मैं कोर्ट के फैसले से बेहद खुश हूं। आरोपी भयानी को अपनी कंपनी से चुराए गए सभी पैसे चुकाने होंगे।
जनवरी 2017 और जनवरी 2018 के बीच की धोखाधड़ी
कोर्ट ने आदेश में कहा कि आरोपी ने अपने अपराध को जनवरी 2017 और जनवरी 2018 के बीच अंजाम दिया था। पुलिस की जांच में ब्रिटेन के एक शहर में ड्रीम्स लिमिटेड के लिए ग्राहक सेवा में काम करने वाले भयानी को 51,794 ग्रेट ब्रिटेन पाउंड की धोखाधड़ी करते हुए पाया गया। भयानी ने ग्राहकों के लिए फर्जी रिफंड बनाए और उनके साथ धोखाधड़ी की।