भारतीय मूल के 32 वर्षीय एक व्यक्ति पर शुक्रवार को सिंगापुर की राष्ट्रपति हलीमा याकूब को संसद भवन बाहर फांसी देने की मांग करते हुए ऑनलाइन पोस्ट करने का आरोप लगा है। द स्ट्रेट्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, विकरेमन हार्वे चेट्टियार, जो पहले शरारत और उत्पीड़न के आरोप में जमानत पर बाहर थे ने कथित तौर पर 30 अप्रैल को एक इंस्टाग्राम पोस्ट में कहा कि राष्ट्रपति हलीमा को संसद भवन के पास फांसी दी जानी चाहिए। विकरेमन 10,000 सिंगापुरी डॉलर की जमानत पर बाहर थे जब उन्होंने कथित तौर पर राष्ट्रपति हलीमा के बारे में पोस्ट किया था।
पहले की कई हंगामों में शामिल रह चुका है विकरेमन
कथित तौर पर उनका कई मौकों पर हंगामा करने का इतिहास रहा है, जिसमें 3 फरवरी, 2020 को सुप्रीम कोर्ट की इमारत में हंगामा भी शामिल है। 15 नवंबर, 2021 को, विकरेमेन ने कथित तौर पर एक पुलिस जांच अधिकारी को धमकी दी थी और कहा था कि आतंकवादी पुलिस डिवीजनल मुख्यालय पर हमला करेंगे।
उप लोक अभियोजक शॉन लिम ने जमानत रद्द करने का दिया था आवेदन
खबर में कहा गया है कि उप लोक अभियोजक शॉन लिम ने राष्ट्रपति हलीमा से जुड़े ताजा आरोप के कारण विकरेमन की जमानत रद्द करने के लिए आवेदन किया था क्योंकि यह उनकी जमानत की शर्तों का उल्लंघन हो सकता है। लिम ने जिला न्यायाधीश को बताया कि हिरासत के दौरान विकरेमन के व्यवहार में बदलाव दिखा था और उसे मानसिक स्वास्थ्य संस्थान (आईएमएच) में भेजने के लिए कहा गया था। दावा किया है कि विकरेमेन ने कहा था, "मुझे पता है कि सिंगापुर में सतर्कता असामान्य है, लेकिन मुझे यह भी उम्मीद है कि कोई न कोई कदम उठाएगा!
मामले को 19 मई तक के लिए स्थगित कर दिया है
उन्हें मेडिकल जांच के लिए आईएमएच में भेजने का आदेश दिया गया है और उनके मामले को 19 मई तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। खबर में कहा गया है कि उनकी जमानत से जुड़े मामलों पर बाद में विचार किया जाएगा। राष्ट्रपति हलीमा से जुड़े उत्पीड़न के आरोप में दोषी पाए जाने पर उन्हें एक साल तक की जेल और 5,000 सिंगापुरी डॉलर तक का जुर्माना हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सिंगापुर के कानून के अनुसार ऐसी शरारत करने वाले को एक साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है।