भारत में हाल में हुए लोकसभा चुनावों के परिणामों पर निराशा व्यक्त करते हुए प्रतिष्ठित भारतवंशी डॉ. भरत बरई ने कहा कि यह भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए जश्न मनाने के बजाय आत्मचिंतन करने का समय है। ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ भाजपा, अमेरिका की तरफ से आयोजित विजय समारोह के दौरान डॉ. बरई ने पार्टी सदस्यों से कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो काम किया है, उसके लिए उन्हें 400 सीट मिलनी चाहिए थीं। लेकिन, ऐसा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि भाजपा को यह समझने का प्रयास करना चाहिए कि ऐसा क्यों नहीं हुआ। अगर हम सिर्फ जश्न मनाते रहेंगे तो अगली बार यह सुनने को मिलेगा कि महाराष्ट्र से भाजपा बाहर हो चुकी है। इसलिए, यह आत्ममंथन जरूरी है कि 400 के बजाय एनडीए को सिर्फ 292 सीट ही क्यों मिलीं? पिछले चुनावों में जब भाजपा पूर्ण बहुमत में थी तो इस बार 240 सीट ही क्यों मिलीं?
भाजपा के लिए सत्ता का मतलब सेवा... लेकिन निचले स्तर पर भ्रष्टाचार जारी
डॉ. बरई ने कहा, भाजपा के संस्थापकों का विचार था कि यह भारत माता की सेवा करने वाली पार्टी होगी। इसमें मित्रों व परिवार वालों को उच्च पदों पर नियुक्त करने, निगमों से धन अर्जित करने व भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने जैसे काम नहीं होंगे। दुर्भाग्य की बात है कि निचले स्तर पर भ्रष्टाचार अब भी जारी है।