कैनसस के सेनेका शहर में एक भारतीय मूल के कैथोलिक पादरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्याकांड को ओक्लाहोमा के 66 वर्षीय गैरी हर्मेश ने अंजाम दिया। उसने पादरी को तीन गोलियां मारीं। हत्या के शक में पुलिस ने हर्मेश को गिरफ्तार कर लिया है। उसे नेमाहा काउंटी जेल में रखा गया है।
अमेरिका में एक भारतीय मूल के कैथोलिक पादरी की उनके पैरिश रेक्टरी में गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्याकांड की घटना कैनसस के सेनेका शहर में हुई। पादरी की हत्या के संदेह में ओक्लाहोमा के एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है। पादरी 2011 से सेनेका में सेंट्स पीटर और पॉल कैथोलिक चर्च में पादरी थे।
विज्ञापन
नेमाहा काउंटी शेरिफ कार्यालय ने बताया कि घटना बृहस्पतिवार (स्थानीय समयानुसार) दोपहर को हुई। सेनेका में सेंट पीटर एंड पॉल कैथोलिक चर्च में रेक्टरी के बाहर पादरी अरुल कैरासाला (57) को गोली लगने से घायल अवस्था में देखा गया। चर्च के अधिकारियों ने पादरी को तुरंत एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कैनसस सिटी के आर्चडायोसिस के आर्कबिशप जोसेफ नौमान ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, 'फादर अरुल कैरासाला की दुखद मौत की खबर साझा करते हुए मुझे बहुत दुख हो रहा है, जिनकी आज सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई।
मामले में ओक्लाहोमा का गैरी हर्मेश गिरफ्तार
पादरी की हत्या के मामले में शेरिफ के डिप्टी और सेनेका पुलिस ने ओक्लाहोमा में तुलसा के गैरी हर्मेश को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, 66 वर्षीय हर्मेश को प्रथम श्रेणी की हत्या के शक में नेमाहा काउंटी जेल में रखा गया है। हालांकि, अधिकारियों ने यह नहीं बताया कि गोलीबारी के पीछे का मकसद क्या था। न ही इस बारे में जानकारी दी कि पादरी और गिरफ्तार आरोपी एक-दूसरे को जानते थे या नहीं।
बूढ़े आदमी ने पादरी को तीन गोलियां मारीं
पैरिश की धार्मिक शिक्षा निदेशक क्रिस एंडरसन ने बताया कि हमें जानकारी मिली है कि एक बूढ़ा आदमी पादरी कैरासाला के पास आया। उसने पादरी को तीन गोलियां मारीं। हालांकि, इस बारे में उन्हें और अधिक जानकारी नहीं है।
चर्च में 2011 से पादरी के पद पर थे कैरासाला
पादरी की मौत से 2,100 की आबादी वाले सेनेका शहर में शोक की लहर दौड़ गई है। पेरिश वेबसाइट पर पादरी के प्रोफाइल के अनुसार, वह 2011 से सेंट्स पीटर और पॉल कैथोलिक चर्च में पादरी के पद पर थे। 1994 में, कैरासाला को भारत में पुजारी नियुक्त किया गया था। वे 2004 से कंसास में अपनी सेवाएं दे रहे थे और 2011 में वह अमेरिकी नागरिक बन गए।