नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन और दो रूसी अंतरिक्ष यात्री बुधवार की सुबह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे। वे करीब तीन घंटे से अधिक की यात्रा के बाद सोयुज एमएस-29 अंतरिक्ष यान में सवार होकर आईएसएस पहुंचे। यहां उनके साथगले मिलकर और हाथ मिलाकर स्वागत किया गया।
Expedition 74 expanded to 10 crew members at 4:30 p.m. EDT today when the hatches opened and @NASA astronaut Anil Menon and Roscosmos cosmonauts Pyotr Dubrov and Anna Kikina entered the International Space Station. More... https://t.co/Goxw8eir3c pic.twitter.com/2NJnFMKIIh
— International Space Station (@Space_Station) July 14, 2026
कब रवाना हुआ यान
मेनन और रूसी अंतरिक्ष यात्रियों प्योत्र दुब्रोव और अन्ना किकिना को ले जाने वाला रोस्कोस्मोस अंतरिक्ष यान मंगलवार को भारतीय समयानुसार रात 8:17 बजे बैकोनूर से रवाना हुआ। ठीक उसी समय जब कक्षीय प्रयोगशाला कॉस्मोड्रोम के ऊपर से गुजर रही थी।
कई तरह की जांच शुरू की
लाइव वीडियो फीड का प्रसारण क्यों रुका?
नासा के अनुसार, यह मेनन की पहली अंतरिक्ष उड़ान है और रूसी अंतरिक्ष यात्रियों की दूसरी उड़ान है। संयोगवश, अंतरिक्ष यान का द्वार खुलने ही वाला था कि ट्रैकिंग और डेटा रिले उपग्रहों से सिग्नल बाधित हो गया, जिसके कारण अंतरिक्ष स्टेशन से लाइव वीडियो फीड का प्रसारण रुक गया। 12 मिनट बाद उपग्रहों के सिग्नल रिले करने की सीमा में वापस आने पर प्रसारण फिर से शुरू हो गया।
मेनन के परिवार के सदस्य, जिनमें उनकी अंतरिक्ष यात्री पत्नी अन्ना विल्हेम और नासा के प्रशासक जेरेड इसाकमैन शामिल थे। अंतरिक्ष उड़ान के लिए बैकोनूर कॉस्मोड्रोम में मौजूद थे। ये तीनों अंतरिक्ष यात्री नासा के जेसिका मीर, जैक हैथवे और क्रिस विलियम्स, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी की अंतरिक्ष यात्री सोफी एडेनोट और रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्रियों सर्गेई कुड-स्वर्चकोव, सर्गेई मिकायेव और एंड्री फेड्यायेव के साथ शामिल हुए।
यह मिशन कब तक है?
मेनन, डुब्रोव और किकिना का मिशन लगभग आठ महीने तक चलेगा और उनके अप्रैल 2027 में पृथ्वी पर लौटने का कार्यक्रम है। नासा के अनुसार, मेनन मानव अंतरिक्ष अन्वेषण को आगे बढ़ाने और पृथ्वी पर जीवन को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रौद्योगिकी प्रदर्शन करेंगे।
भारतीय बच्चों की पेंटिंग भी पहुंची अंतरिक्ष
रूस की अंतरराष्ट्रीय मानवीय सहयोग एजेंसी रॉसोट्रुडनिचेस्टवो की प्रमुख येलेना रेमिजोवा ने इससे पहले सरकारी समाचार एजेंसी टास को बताया था कि रॉकेट में भारतीय स्कूली बच्चों की बनाई चित्र होंगे। उन्होंने कहा, 'ये 'फर्स्ट फॉरएवर' प्रतियोगिता के विजेताओं की रचनाएं हैं, जो पृथ्वी के पहले अंतरिक्ष यात्री यूरी गागारिन की उड़ान की 65वीं वर्षगांठ और अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में रूस और भारत के बीच सहयोग को समर्पित है।'
कौन हैं अनिल मेनन
नासा में कब से की शुरूआत?
मेनन की पत्नी अन्ना ने सितंबर 2024 में स्पेसएक्स द्वारा संचालित निजी मानवयुक्त अंतरिक्ष यान पोलारिस डॉन के तहत अंतरिक्ष यात्रा की। यह अंतरिक्ष यात्रा लगभग पांच दिनों तक चली।
आईएसएस में क्या अध्यन करेंगे?
आईएसएस पर रहते हुए, मेनन लंबी अवधि की अंतरिक्ष उड़ान के शारीरिक प्रभावों का अध्ययन करने और यह जांचने के लिए प्रयोगों की एक श्रृंखला आयोजित करेंगे कि सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण अंतरिक्ष यात्रियों में रक्त प्रवाह, शिरा संरचना और रक्त संरचना को कैसे प्रभावित करता है।
वह स्टेशन की पेयजल प्रणाली का उपयोग करके अंतःशिरा तरल पदार्थ तैयार करने की तकनीकों के परीक्षण में भी सहायता करेंगे। ऐसी क्षमताएं गहरे अंतरिक्ष अभियानों के दौरान महत्वपूर्ण हो सकती हैं, जहां चिकित्सा आपूर्ति सीमित होती है।
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मेनन अंतरिक्ष में अर्धचालक क्रिस्टल के उत्पादन को परिष्कृत करने के लिए अनुसंधान जारी रखेंगे ताकि उच्च-प्रदर्शन वाले कंप्यूटरों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत चिकित्सा उपकरणों के लिए आवश्यक घटकों का बड़े पैमाने पर निर्माण संभव हो सके। वह संवर्धित वास्तविकता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता विधियों का उपयोग करके अल्ट्रासाउंड जांच भी करेंगे, जिससे भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों में पृथ्वी से चिकित्सा सहायता की आवश्यकता समाप्त हो सकती है।