भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन 6 अगस्त को अपने करियर की पहली स्पेसवॉक करेंगे। वह आईएसएस के बाहर सोलर एरे अपग्रेड, संचार एंटीना बदलने, पावर और डेटा सिस्टम स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी कार्यों में हिस्सा लेंगे। यह मिशन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की ऊर्जा और संचार क्षमता बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
भारतीय मूल के नासा के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन अगले हफ्ते अपने करियर की पहली स्पेसवॉक (अंतरिक्ष में चहलकदमी) करेंगे। वह इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) से बाहर निकलकर सोलर एरे को अपग्रेड करेंगे और कम्युनिकेशन एंटीना बदलेंगे। नासा ने सोमवार को यह जानकारी दी।
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आखिर स्पेसवॉक कब और किसके साथ करेंगे अनिल मेनन?
केरल के पलक्कड़ से ताल्लुक रखने वाले अनिल मेनन अपने साथी अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर के साथ 6 अगस्त से स्पेसवॉक की शुरुआत करेंगे। वे भविष्य में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन रोल-आउट सोलर एरे (आईरोसा) की स्थापना के लिए ऑर्बिटल लैब को तैयार करेंगे। आईरोसा स्टेशन के सुरक्षित और नियंत्रित डिऑर्बिट समेत महत्वपूर्ण कार्यों के लिए अतिरिक्त बिजली प्रदान करेगा। स्पेसवॉक 6 अगस्त, 13 अगस्त और 25 अगस्त को तय किए गए हैं।
दूसरी स्पेसवॉक में कौन-सा अहम मिशन पूरा करेंगे?
13 अगस्त को होने वाले दूसरे स्पेसवॉक के दौरान अंतरिक्ष यात्री स्पेस-टू-ग्राउंड एंटीना बदलेंगे। यह महत्वपूर्ण संचार प्रणाली है, जिसका उपयोग नासा के ह्यूस्टन स्थित मिशन कंट्रोल सेंटर और स्पेस स्टेशन के बीच डेटा तथा हाई-स्पीड संचार भेजने के लिए किया जाता है।
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25 अगस्त की स्पेसवॉक में क्या-क्या होगा?
25 अगस्त को होने वाले स्पेसवॉक में क्रू मेंबर पावर चैनल केबल और डेटा रिले सिस्टम जोड़ेंगे। इसके अलावा हार्मनी मॉड्यूल के फॉरवर्ड पोर्ट पर अंतरिक्ष यान की डॉकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले नेविगेशन एड को भी बदला जाएगा।
अंतरिक्ष से स्टारबेस की तस्वीर क्यों हुई चर्चा में?
अनिल मेनन ने पिछले सप्ताह अंतरिक्ष से स्पेसएक्स के साउथ टेक्सास स्थित लॉन्च साइट स्टारबेस की तस्वीर साझा की थी। मेनन ने सोयुज एमएस-29 अंतरिक्ष यान के जरिए 14 जुलाई को स्पेस स्टेशन की यात्रा पूरी की थी। वह कक्षा में लगभग आठ महीने बिताएंगे और इस दौरान वैज्ञानिक प्रयोगों तथा तकनीकी प्रदर्शनों में हिस्सा लेंगे।