अमेरिका में एक भारतीय मूल के व्यक्ति को अपने नियोक्ता के साथ 12 करोड़ रुपये से ज्यादा रुपये की योजना की धोखाधड़ी मामले में कोर्ट ने दोषी ठहराया है। मैरीलेंड के सरकारी वकील और फेडरल जांच एजेंसी के अधिकारी ने बताया कि राकेश कौशल को पिछले हफ्ते धोखाधड़ी के आरोपों में दोषी ठहराया गया है।
धोखाधड़ी के आरोप में बंद राकेश कौशल को अधिकतम 20 साल की सजा सुनाई जा सकती है। मिली जानकारी के अनुसार, कौशल को अगस्त 2015 और जनवरी 2017 के बीच एक कंपनी द्वारा नियुक्त किया गया था, जो मुख्य रूप से संघीय सरकारी एजेंसियों को निर्माण और डिजाइन सेवाएं दिया करती थी।
कंपनी का मुख्यालय मेरीलैंड में है। इवान विक्टर थ्रान, डिकर्सन और बेल्सविले, मैरीलैंड में काम करने वाली तीन निर्माण कंपनियों के मालिक और अध्यक्ष थे।
66 साल के बुजुर्ग कौशल ने स्वीकार किया कि उन्होंने थ्रान के साथ मिलकर तीन थ्रान कंपनियों द्वारा कथित तौर पर किए गए काम के लिए फर्जी भुगतान करके मैरीलैंड स्थित कंपनी को धोखा देने की साजिश रची, जिसकी खुद कौशल ने समीक्षा की और मंजूरी भी दी थी।
अभियोजकों ने कहा कि कौशल ने कुल 650 मिलियन अमरीकी डालर की धोखाधड़ी की, जिसमें उनके एक व्यक्तिगत बैंक खाते से भारत में एक खाते में पैसे भेजे गए, जहां एक और व्यक्ति भी धोखाधड़ी में शामिल था।