भारतीय अधिकारी नेपाल रेलवे कौशल कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के लिए नेपाल जाएंगे। जनकपुर-जयनगर रेलवे लाइन के संचालन के लिए नेपाल और भारतीय रेलवे बोर्ड के बीच समझौता हुआ है, जिसके तहत भारत से कुल 26 अधिकारी नेपाल जाएंगे।
नेपाल रेल मंत्रालय के महानिदेशक बलराम मिश्रा ने कहा कि नेपाल और भारतीय रेलवे बोर्ड के बीच एक करार हुआ है। हमने भारत और नेपाल के रेलवे अधिकारियों के बीच एक ऑनलाइन वीडियो कांफ्रेंस की मांग की है।
साथ ही नेपाल रेलवे में विभिन्न पदों के लिए आवेदन भी मांगे हैं, लेकिन अभी तक कोई आवेदन नहीं आया है। अब हम भारतीय अधिकारियों की नियुक्ति करने जा रहे है, जो नेपाल रेलवे के अधिकारियों को प्रशिक्षण देंगे।
नेपाल और भारतीय रेलवे बोर्ड के बीच समझौते के साथ भारतीय अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। सीनियर सेक्शन इंजीनियर, स्टेशन मास्टर, चीफ पावर कंट्रोलर, चीफ लोको इंस्पेक्टर, लोको पायलट, डिप्टी लोको पायलट, सुपरवाइजर, मेकेनिक और प्वाइंट मैन पद पर नियुक्ति के लिए आवेदन मंगाए गए हैं।
मिश्रा ने यह भी कहा कि जनकपुर-जयनगर रेलवे लाइन पर शुरू होने वाली नई ट्रेनों के सभी कोच बिहार पहुंच चुके हैं लेकिन कोविड-19 के प्रतिबंधों की वजह से रेल कोचों को नेपाली रेलवे अधिकारियों को सौंपा नहीं किया गया है।
सनद रहे कि नेपाल ने इसके लिए 84.5 करोड़ नेपाली रुपये का बजट आवंटित किया था, जिसकी 20 फीसदी राशि भारत को भुगतान कर दी गई। जबकि जनकपुर-जयनगर रेल परियोजना पूरी होने के बाद 80 फीसदी राशि का भुगतान किया जाएगा।