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54 साल से ग्लेशियर में 'दबा' था भारत का सुनहरा इतिहास, बर्फ पिघली तो दिखे निशान 

Tue, 14 Jul 2020 07:56 PM IST
अवधेश कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, लंदन
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सांकेतिक तस्वीर
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पश्चिमी यूरोप के मोंट ब्लैंक पर्वत के पिघलते हुए ग्लेशियर से भारतीय समाचार पत्र की 1966 की प्रतियां मिली हैं, जिसमें इंदिरा गांधी का जिक्र करते हुए ‘भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री’ शीर्षक से खबर छपी है। दरअसल इसी पर्वत पर 54 साल पहले 24 जनवरी, 1966 को एयर इंडिया का एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। 

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ये अखबार उसी मलबे में मिले हैं। विमान के मलबे और अखबार का पता कैफे चलाने वाले टिमोथी मोटिन ने लगाया है। टिमोथी ने कहा कि हर बार हम कुछ दोस्तों के साथ फ्रेंच ग्लेशियर पर जाते थे और जहाज के मलबे को देखते थे। इसमें नेशनल हेराल्ड और इकनोमिक टाइम्स सहित दर्जनों अखबारों की प्रतियां मिली हैं। 

टिमोथी के अनुसार ये अखबार अभी भी बहुत ही अच्छी स्थिति में हैं। आप इन्हें आसानी से पढ़ भी सकते हैं। बोसोन ग्लेशियर यूरोप का सबसे बड़ा ग्लेशियर है और मोंट बलैंड पश्चिमी यूरोप की सबसे ऊंची पर्वतमाला है। यूं तो टिमोथी मोटिन और उनके दोस्तों को बर्फ के पिघलने पर अक्सर कुछ न कुछ मिलता रहा है, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में अखबारों का मिलना असमान्य है। उन्होंने बताया कि अभी इन अखबारों को कैफे में ही रखा गया है, लेकिन बाद में इन्हें किसी म्यूजियम को दिया जा सकता है। 

 
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विमान हादसे में मारे गए थे 117 लोग 

24 जनवरी, 1966 को मोंट ब्लैंक पर एयर इंडिया का बोइंग विमान 'कंचनजंगा' दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस दुखद हादसे में 117 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावा इसी क्षेत्र में 1950 में भी एक अन्य भारतीय विमान 'मालाबार प्रिंसेज' क्रैश हो गया था। इसमें 48 लोगों की जान गई थी।  

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