भारतीय नागरिक ने सिंगापुर की एक कंपनी पर लापरवाही का आरोप लगाया था, जिसके पक्ष में करीब दो साल बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। ऐसे में कंपनी को करीब 73 हजार डॉलर यानी 60 लाख रुपये से अधिक का हर्जाना देना पड़ सकता है। दरअसल, कंपनी के वाहन से उतरते समय शख्स के पैर में फ्रैक्चर हो गया था। उसने आरोप लगाया था कि कंपनी अपने कर्मचारियों को उनके कार्यस्थल तक पहुंचाने वाले वाहन से उतरने की सुरक्षित प्रणाली प्रदान करने में विफल रही
12 फुट की लॉरी में 24 कर्मचारी सवार
पैर हुआ था फ्रैक्चर
लापरवाही का आरोप, कंपनी का इनकार
मुरुगन ने अपनी कंपनी पर मुकदमा दायर किया। कहा कि दुर्घटना कंपनी की लापरवाही या कर्तव्य के उल्लंघन के कारण हुई थी। हालांकि, कंपनी ने दावों का खंडन किया था और कहा था कि मुरुगन लॉरी से नीचे उतरते समय फिसल कर गिर गए थे। कंपनी ने कहा था कि दुर्घटना मुरुगन की खुद की लापरवाही के कारण हुई थी।
जज का फैसला
बाद में, जज ने सबूतों को देखते हुए कहा कि लॉरी में 22 से अधिक लोगों को ले जाया जा रहा था। इससे साफ पता लगता है कि जरूरत से ज्यादा लोग मौजूद थे। ऐसे में कोई शक नहीं है कि मुरुगन को गलती से धक्का नहीं लगा हो। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को उपलब्ध कराए गए फैसले में जिला न्यायाधीश टैन मे टी ने मुरुगन के पक्ष में फैसला सुनाया। हालांकि, अभी हर्जाने के बारे में कुछ नहीं कहा है। मुरुगन के वकील मुहम्मद अशरफ सैयद अंसराय ने हर्जाने के तौर पर 73,400 अमेरिकी डॉलर यानी 60 लाख से अधिक रुपये की मांग की है।