ओमान के दुक्म पोर्ट पर खड़े एक जहाज में सवार भारतीय नागरिक की मौत हो गई है। भारतीय दूतावास ने बताया कि निशांत उर्थनाथन नामक भारतीय नागरिक का निधन चिकित्सकीय जटिलताओं के कारण हुआ। यह घटना उस समय हुई जब वह एमटी सेलेस्टियल नामक जहाज पर मौजूद थे। घटना के बाद भारतीय दूतावास ने शोक व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना जताई है और पार्थिव शरीर को जल्द भारत भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
मौत कैसे हुई और जहाज कहां मौजूद है?
भारतीय दूतावास के अनुसार निशांत उर्थनाथन की मौत मेडिकल जटिलताओं के कारण हुई। उनका पार्थिव शरीर फिलहाल ओमान के दुक्म पोर्ट पर खड़े एमटी सेलेस्टियल जहाज पर रखा गया है। दूतावास ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई। हालांकि मेडिकल जटिलताओं की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। घटना के बाद जहाज प्रबंधन और संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा गया है।
दूतावास क्या कदम उठा रहा है?
मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह जहाज प्रबंधन कंपनी और सभी संबंधित पक्षों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है। अधिकारियों का प्रयास है कि सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर पार्थिव शरीर को भारत भेजा जा सके। विदेश में किसी भारतीय नागरिक की मृत्यु होने पर स्थानीय प्रशासन, जहाज प्रबंधन और दूतावास के बीच समन्वय की प्रक्रिया अपनाई जाती है, ताकि परिवार को जल्द सहायता मिल सके।
पार्थिव शरीर कब तक भारत पहुंचेगा?
दूतावास ने स्पष्ट किया है कि पार्थिव शरीर की शीघ्र स्वदेश वापसी के लिए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके लिए स्थानीय नियमों और दस्तावेजी प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है। भारतीय मिशन ने मृतक के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया है कि सभी जरूरी कदम तेजी से उठाए जा रहे हैं। घटना के बाद परिवार को सूचना दे दी गई है और उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।