ब्रिटेन में खाद्य आपूर्ति कंपनियों के लिए अवैध रूप से काम करने वाले साठ मोपेड डिलीवरी ड्राइवरों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें कई भारतीय शामिल हैं। यह कार्रवाई अवैध प्रवास के खिलाफ चलाए गए सप्ताहभर के अभियान के तहत की गई। ब्रिटेन की सरकार ने यह जानकारी दी।
गिरफ्तार किए गए डिलीवरी चालकों में भारतीयों के अलावा ब्राजील और अल्जीरियाई भी शामिल हैं। उन्हें अवैध रूप से काम करने और फर्जी दस्तावेज रखने सहित अन्य अपराधों के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
ब्रिटेन के गृह मंत्रालय (होम डिपार्टमेंट) ने मंगलवार को ताजा आंकड़े जारी किए, जिनमें दावा किया गया है कि भारतीय अब छोटी नौकाओं पर अवैध रूप से इंग्लिश चैनल पार करने वाले प्रवासियों के दूसरे सबसे बड़े समूह में शामिल हैं। इस साल जनवरी और मार्च के बीच 675 का आंकड़ा दर्ज किया गया है।
गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने कहा, अवैध तरीके से काम करने से हमारे समुदायों को नुकसान पहुंचता है, ईमानदार कर्मचारियों को रोजगार में धोखा मिलता है और सार्वजनिक खजाने को धोखा दिया जाता है। भारतीय मूल की मंत्री ने कहा, प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा है कि हम अपने कानूनों और सीमाओं के दुरुपयोग को रोकने के लिए और तेजी से आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
ब्रेवरमैन ने कहा, ब्रिटिश जनता एक ऐसे श्रम बाजार की हकदार है जो निष्पक्ष और ईमानदार हो और उसे विश्वास होना चाहिए कि वे जो सामान और सेवाएं खरीदते हैं, वे वैध व्यवसायों से हैं। गृह मंत्रालय में प्रवर्तन, अनुपालन और अपराध के निदेशक एडी मोंटगोमरी ने कहा, "हमारी प्रवर्तन टीमें आव्रजन अपराध को रोकने और सार्वजनिक सुरक्षा से समझौता करने वाले व्यवहार को बदलने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही हैं।" उन्होंने कहा कि उनकी टीमों ने डिलिवरू, जस्टइट और उबरईट्स जैसी कंपनियों के लिए अवैध तरीके से काम करने वालों से निपटने के लिए कार्रवाई तेज कर दी गई है।
बताया जा रहा है कि आव्रजन प्रवर्तन विभाग ने अवैध मोपेड डिलीवरी ड्राइवरों के लिए हॉटस्पॉट की पहचान की और अभियान शुरू करने से पहले व्यापक खुफिया जानकारी एकत्र की। ब्रिटेन की सरकार ने कहा कि वह अवैध कामकाज पर इसलिए शिकंजा कस रही है क्योंकि सभी कंपनियां और कर्मचारी कर (टैक्स) और अन्य नियमों का पालन करके अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं।