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अमेरिका में स्थित भारतीय आईटी कंपनी पर गैर-भारतीयों के साथ भेदभाव करने का आरोप

Wed, 11 Sep 2019 01:10 PM IST
Trainee Trainee वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

  • अमेरिका में एक भारतीय डिजिटल सेवा कंपनी पर गैर-भारतीयों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगा है
  • मुकदमे में कहा गया कंपनी में 90 फीसदी दक्षिण एशियाई लोग जिनमें से अधिकतर भारतीय
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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अमेरिका में एक भारतीय डिजिटल सेवा कंपनी पर गैर-भारतीयों के साथ भेदभाव करने और दक्षिण एशिया के लोगों को भर्ती और नौकरियों में वरीयता देने के आरोप में मामला दर्ज कराया गया है।

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अमेरिकी नागरिक टामी सल्जबर्ग ने अपने मुकदमे में आरोप लगाया कि सैन जोस स्थित हैप्पीएस्ट माइंड्स में कार्यरत कम से कम 90 प्रतिशत लोग दक्षिण एशियाई हैं, उनमें भी अधिकांश भारतीय है। इस कंपनी का मुख्यालय बेंगलूरू है।

हैप्पीएस्ट माइंड्स के दुनिया भर में 2,400 से अधिक कर्मचारी हैं और अमेरिका में लगभग 200 कर्मचारी कार्यरत हैं। सल्जबर्ग के मुताबिक, हैप्पीएस्ट माइंड्स दक्षिण एशियाई और भारतीय लोगों को काम पर रखने और नियुक्त करने को तरजीह देता है।
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उसने कहा पहले कंपनी विदेशों में रह रहे दक्षिण एशियाई और भारतीय कामगारों के लिए एच-1वीजा (और अन्य वीजा) हासिल करने की कवायद में जुटती है, बाद में इनकी भर्ती अमेरिकी पदों पर काम के लिए की जाती है।

मुकदमे में आरोप लगाया कि अमेरिका में रह रहे दक्षिण एशियाई और भारतीय व्यक्तियों को गैर-दक्षिण एशियाई और गैर-भारतीय व्यक्तियों की तुलना में अक्सर तवज्जो दी जाती है। उसने अदालत से कंपनी को बिना भेदभाव वाला व्यवहार अपनाने के आदेश देने की मांग की है।

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