श्रीलंकाई नौसेना के जहाज से टकराया भारतीय मछुआरे का नाव (सांकेतिक तस्वीर)
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कच्चातीवु द्वीप के उत्तर में 5 समुद्री मील की दूरी पर एक श्रीलंकाई नौसैनिक पोत से भारतीय मछुआरों की नाव की टक्कर हो गई। इसमें रामेश्वरम के रहने वाले चार मछुआरों में से एक 59 साल के मलईसामी की मौत हो गई, जबकि एक अन्य लापता है। इस पर विदेश मंत्रालय ने श्रीलंका के समक्ष कड़ा विरोध जताया है। इसके अलावा, जाफना में भारतीय महावाणिज्य दूत साई मुरली ने कायट्स पुलिस स्टेशन का दौरा किया और बचाए गए दो मछुआरे मुथुमुनियांदु और मूकैया से मुलाकात की। साथ ही उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार सुबह श्रीलंका के कार्यवाहक उच्चायुक्त को तलब किया गया है। विदेश मंत्रालय ने कहा, श्रीलंकाई नौसेना ने इस नाव को अवैध रूप से मछली पकड़ने के आरोप में कब्जे में लेने की कोशिश की थी। इस दौरान नाव पलट गई और उसमें सवार चार मछुआरे समुद्र में गिर गए। हालांकि, दो को सुरक्षित बचा लिया गया। दोनों मछुआरों को कांकेसंथुराई तट पर ले जाया गया है। वहीं, लापता भारतीय मछुआरे की तलाश जारी है।
दूसरी तरफ, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मृतक के परिजनों को 10 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का एलान किया है। वहीं, इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि यदि समय रहते दूतावास इस मुद्दे पर कार्रवाई करता तो इस तरह की घटनाएं सामने न आतीं। स्टालिन ने मामले को केंद्र के समक्ष उठाने की बात कही है।
वहीं, विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, सरकार भारतीय मछुआरों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है। भारतीय मछुआरों से संबंधित मुद्दे नियमित रूप से श्रीलंका के साथ उच्चतम स्तर पर उठाए जाते रहे हैं। इससे पहले बृहस्पतिवार को श्रीलंका में भारतीय उच्चायोग और जाफना में महावाणिज्य दूतावास ने श्रीलंका के 20 मछुआरों की रिहाई सुनिश्चित की।