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संयुक्त राष्ट्र के ‘यंग चैम्पियंस’ में भारतीय विद्युत मोहन भी शामिल

Fri, 18 Dec 2020 12:51 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र
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Vidyut Mohan, co-founder of Takachar - फोटो : UNEP
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विश्व निकाय की पर्यावरण एजेंसी द्वारा दिए जाने वाले विशिष्ट पुरस्कार ‘यंग चैम्पियंस ऑफ द अर्थ’ के सात विजेताओं में 29 वर्षीय एक भारतीय उद्यमी भी शामिल हैं। नए विचारों और नवोन्मेषी कदमों के जरिये पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों के समाधान की दिशा में काम करने वालों को यह पुरस्कार दिया जाता है। 

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संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) ने बताया कि ‘टेकाचार’ कंपनी के सह संस्थापक और पेशे से इंजीनियर विद्युत मोहन ने अपने सामाजिक उद्यम के जरिये किसानों को अपनी फसल का अपशिष्ट नहीं जलाने के लिए समझाया और इन अपशिष्टों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें अतिरिक्त आमदनी के उपाय बताए।


विद्युत मोहन ने बताया कि मैं हमेशा से ऊर्जा तक पहुंच और गरीब समुदायों के लिए आमदनी के अवसर मुहैया कराने के विषय पर काम करना चाहता था। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक संदेश में कहा कि महामारी के दौरान समाज की दिक्कतें बढ़ी हैं, अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ा है। ऐसे में हमें प्रकृति को हुए नुकसान के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने और टिकाऊ विकास के रास्ते पर आगे बढ़ने की जरूरत है। ‘यंग चैम्पियंस ऑफ द अर्थ’ लोगों को प्रेरित करने और इस दिशा में आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं ।
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पराली या भूसी का चारकोल में बदलाव
यूएनईपी की कार्यकारी निदेशक इंगर एंडरसन ने कहा कि ‘टेकाचार’ किसानों से धान की भूसी, पराली और नारियल के छिलके लेकर उन्हें चारकोल में बदलती है और किसानों को अपशिष्ट जलाने से रोकने के लिए प्रेरित करती है। वर्ष 2018 में शुरुआत के बाद से मोहन और कंपनी के सह संस्थापक केविन कुंग ने 4,500 किसानों के साथ मिलकर काम किया और 30,000 टन अपशिष्ट का निपटारा किया।

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