जर्मनी और नाइजीरिया के विदेश मंत्री।
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भारत में आम चुनाव की मतदान प्रक्रिया समाप्त हो गई है। चार जून को अब नतीजे आना बाकी हैं। एग्जिट पोल आ चुके हैं। एग्जिट पोल जारी होने के एक दिन बाद नाइजीरिया और जर्मनी ने भारतीय लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व की सराहना की। नाइजीरिया का कहना है कि भारत ने लोकतंत्र के विश्व गढ़ के रूप में अपनी स्थिति का उदाहरण प्रस्तुत किया है। वहीं, जर्मनी ने दुनिया के सबसे बड़े आम चुनाव को सफलतापूर्वक खत्म करने के लिए देशवासियों को बधाई दी है।
लोकतंत्र की हिमायत करने में हम भारत के साथ
नाइजीरिया के विदेश मंत्री यूसुफ मैतामा टुगर ने रविवार को भारत के लोगों और विदेश मंत्री एस जयशंकर को लोकतंत्र के विश्व गढ़ के रूप में अपनी स्थिति का उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए बधाई दी। टुगर ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया 44 दिनों तक चली। यह इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी प्रक्रिया बताया। उन्होंने सफलतापूर्वक चुनाव कराने के लिए भारत को बधाई दी। जिसमें 968 मिलियन से अधिक पात्र मतदाता थे। एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने अपनी बात कही। उन्होंने आगे कहा कि अफ्रीका के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में हम लोकतंत्र की हिमायत करने में आपके साथ हैं। हमारी 4Ds विदेश नीति के एजेंडे का एक प्रमुख स्तंभ है। सफल चुनावी मौसम के लिए एक बार फिर बधाई।
जर्मन विदेश मंत्रालय ने किया ट्वीट
वहीं, जर्मन विदेश कार्यालय ने रविवार को एक्स पर एक पोस्ट किया। पोस्ट में उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े आम चुनाव को सफलतापूर्वक खत्म करने के लिए भारतवासियों को बधाई। जर्मनी भारत की नई सरकार के साथ काम करने और सहयोग को अगले स्तर पर ले जाने के लिए उत्सुक है।
तीन एग्जिट पोल में एनडीए को 400 पार
अंतिम चरण के मतदान के बाद एग्जिट पोल (चुनाव बाद सर्वेक्षण) सामने आ चुके हैं। सभी सर्वे में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को प्रचंड बहुमत मिलने का अनुमान लगाया गया है। इनमें सत्तारूढ़ गठबंधन राजग के तमिलनाडु और केरल में अपना खाता खोलने का अनुमान लगाया गया है। इसके साथ ही कर्नाटक में फिर से एकतरफा जीत हासिल करने का अनुमान भी जताया गया है। भाजपा ने अपने गठबंधन के लिए ‘400 पार’ का नारा दिया था। फिलहाल तीन सर्वे में भाजपा+ को 400 या उससे ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। अगर एग्जिट पोल सच साबित होते हैं, तो मोदी अपनी पार्टी को लगातार तीसरी बार चुनाव में जीत दिलाने के मामले में देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे।