भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) ने अरब सागर में गंभीर रूप से घायल ईरानी मछुआरे को लंबी दूरी से चिकित्सा सहायता के साथ रेस्क्यू किया। आईसीजी ने कोच्चि से लगभग 1,500 किलोमीटर पश्चिम में अरब सागर के मध्य में स्थित मछली पकड़ने वाली नाव अल-ओवैस से एक गंभीर रूप से घायल ईरानी मछुआरे को लंबी दूरी से गंभीर हालत में बचाने का बड़ा ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया।
चिकित्सा आपात स्थिति की मिली सूचना
सोमवार को शुरू हुआ बचाव अभियान मंगलवार को समाप्त हुआ। दरअसल, यह अभियान तब शुरू हुआ, जब मुंबई स्थित समुद्री बचाव समन्वय केंद्र (एमआरसीसी) को 27 अक्तूबर को ईरानी मछली पकड़ने वाली नाव अल-ओवैस में एक चिकित्सा आपात स्थिति और इंजन की खराबी के बारे में एमआरसीसी चाबहार, ईरान से सूचना मिली।
जहाज में चालक दल के पांच सदस्य थे, जिनमें उसका मालिक अल्लाह बख्श (ईरानी नागरिक) भी शामिल था, जिसे जनरेटर में ईंधन बदलने के दौरान जहाज पर हुए विस्फोट के बाद दोनों आंखों में गंभीर चोटें आईं और उसके दाहिने कान पर गहरे घाव हो गए।
आईसीजी जहाज सचेत को तुरंत दिया निर्देश
जिसके बाद स्थिति की गंभीरता को समझते हुए एमआरसीसी (मुंबई) ने तुरंत अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा जाल (आईएसएन) को सक्रिय कर दिया ताकि आसपास के जहाजों को सतर्क किया जा सके और समन्वित सहायता शुरू की जा सके। आईसीजी जहाज सचेत, जो पूर्वी अफ्रीकी देशों में एक विदेशी तैनाती से लौट रहा था, उसे तत्काल सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया गया।
इसके बाद एमआरसीसी (मुंबई) ने एमटी-एसटीआई ग्रेस को दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ने का निर्देश दिया ताकि मरीज को स्थानांतरित करने और आगे की चिकित्सा व्यवस्था के लिए आईसीजी जहाज सचेत से मिला जा सके। चुनौतीपूर्ण समुद्री परिस्थितियों में 28 अक्टूबर को सुबह 09:27 बजे यह स्थानांतरण अभियान सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
भारतीय तटरक्षक बल ने निभाई बड़ी भूमिका
घायल मछुआरे का वर्तमान में आईसीजी जहाज सचेत पर निरंतर चिकित्सा उपचार चल रहा है, जो आगे की चिकित्सा देखभाल के लिए गोवा की ओर बढ़ रहा है। यह जटिल और चुनौतीपूर्ण बचाव अभियान राष्ट्रीय सीमाओं से परे समुद्री सुरक्षा और मानवीय सहायता के प्रति भारतीय तटरक्षक बल की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में एक विश्वसनीय और भरोसेमंद समुद्री खोज और बचाव एजेंसी के रूप में अपनी भूमिका मजबूती से निभा रहा है।