भारत के बाहर खालिस्तानी अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं। कहीं तिरंगा का अपमान करते नजर आते हैं तो कहीं भारत के खिलाफ नारेबाजी करते हैं। हाल ही में खालिस्तान समर्थकों ने सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास में आगजनी की घटना को अंजाम दिया था। इसके बाद अब भारतीय-अमेरिकियों ने एकजुटता का संदेश देते हुए सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास के सामने एक शांति रैली आयोजित की।
सैन फ्रांसिस्को और उसके आसपास से बड़ी संख्या में भारतीय अमेरिकी लोग शुक्रवार को भारत के समर्थन में सामने आए और उन्होंने हाल की हिंसा की कार्रवाई के खिलाफ सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास के सामने शांतिपूर्ण रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने इसे आतंकवादी कृत्य बताया और मांग की कि हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कठघरे में लाया जाए और उन पर कार्रवाई की जाए।
अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने गुरुवार को सैन फ्रांसिस्को वाणिज्य दूतावास का दौरा किया और भारतीय राजनयिकों और अधिकारियों से मुलाकात की। भारत ने कनाडा, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे अपने साझेदार देशों से कहा है कि वे चरमपंथी खालिस्तानी विचारधारा को जगह न दें क्योंकि यह द्विपक्षीय संबंधों के लिए अच्छा नहीं है।
खालिस्तान समर्थकों द्वारा 2 जुलाई को ट्विटर पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास में आगजनी की घटना को दिखाया गया। कुछ महीनों के भीतर यह हिंसा की दूसरी घटना थी। हालांकि इसके बाद भारत ने कड़ी आपत्ति जताई थी और ऐसे तत्वों को समाज में जगह न देने की बात कही थी।
वहीं, 19 मार्च को खालिस्तान समर्थक प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने सैन फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमला किया और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। खालिस्तान समर्थक नारे लगाते हुए, प्रदर्शनकारियों ने शहर पुलिस द्वारा लगाए गए अस्थायी सुरक्षा अवरोधों को तोड़ दिया और वाणिज्य दूतावास परिसर के अंदर दो तथाकथित खालिस्तानी झंडे लगा दिए। वाणिज्य दूतावास के दो कर्मियों ने जल्द ही उन झंडों को हटा दिया।