America: मंगा अनंतमुला एशियाई भेदभाव के खिलाफ मुकदमे में 2015 से स्टूडेंट्स फॉर फेयर एडमिशन (एसएफएफए) के एडवर्ड ब्लम और एशियन अमेरिकन कोएलिशन फॉर एजुकेशन (एसीई) के बोर्ड सदस्य के रूप में मजबूती से खड़ी थीं।
अमेरिका के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में एशियाई लोगों के साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाली भारतीय मूल की एक अमेरिकी महिला ने सरकार के फैसले को रद्द करने के अमेरिकी उच्चतम न्यायालय के फैसले को ''ऐतिहासिक'' बताया है।
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मंगा अनंतमुला एशियाई भेदभाव के खिलाफ मुकदमे में 2015 से स्टूडेंट्स फॉर फेयर एडमिशन (एसएफएफए) के एडवर्ड ब्लम और एशियन अमेरिकन कोएलिशन फॉर एजुकेशन (एसीई) के बोर्ड सदस्य के रूप में मजबूती से खड़ी थीं। एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि अनंतमुला ने एशियाई छात्रों को न्याय दिलाने के लिए हार्वर्ड विश्वविद्यालय और उत्तरी कैरोलिना विश्वविद्यालय की भेदभावपूर्ण नीतियों को शिक्षा विभाग और ट्रंप प्रशासन के समक्ष पेश करने वाले भारतीय समुदाय का लगातार प्रतिनिधित्व किया।
अनंतमुला ने ब्लम और युकोंग झाओ को 2015 में इस प्रयास में शामिल करने के लिए धन्यवाद दिया, "जो एशियाई लोगों के नागरिक अधिकारों के लिए लड़ने के लिए मेरे जीवन का एक महत्वपूर्ण मोड़ था, जिसके कारण प्रवेश प्रक्रिया में पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के खिलाफ यह ऐतिहासिक फैसला आया। अनंतमुला एक रिपब्लिकन हैं और वर्जीनिया से 2020 में अमेरिकी कांग्रेस के लिए चुनाव लड़ चुकी हैं।