भारतीय मूल की अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने कहा है कि जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के ज्यादातर प्रावधानों को भारत के खत्म करने के बाद कश्मीर में गिरफ्तारियों की खबरों को लेकर वह परेशान हैं। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सदस्य प्रमिला जयपाल ने कहा, ‘कश्मीर में भारत सरकार द्वारा 2,000 लोगों की गिरफ्तारियां किए जाने की खबरों से बहुत परेशान हूं।
डेमोक्रेट सांसद जयपाल अमेरिकी प्रतिनिधि सभा (हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव) में निर्वाचित होने वाली पहली और एकमात्र भारतीय मूल की अमेरिकी महिला हैं। अमेरिकी संसद में मानवाधिकार के मुद्दों को जोर-शोर से उठाने वाली जयपाल ने कहा, लोकतंत्र में पारदर्शिता, उचित प्रक्रिया, एकत्र होने एवं वाक् एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जरूरी होती है। ये बिल्कुल ही आवश्यक हैं, यहां तक कि सर्वाधिक जटिल परिस्थितियों में भी।
उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर न्यूयार्क टाइम्स की एक खबर भी साझा की। अमेरिकी सांसद एडम स्कीफ ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सूचना तक पहुंच जैसे मूलभूत मानवाधिकारों का अवश्य संरक्षण किया जाना चाहिए। एक दिन पहले अमेरिकी कांग्रेस सदस्य पीटर किंग ने कश्मीर को लेकर भारत-पाकिस्तान के बीच विवाद पर चर्चा करने के लिए न्यूयार्क में नियुक्त भारतीय महावाणिज्य दूत से मुलाकात की थी।
पीटर ने कहा, कश्मीर को लेकर भारत-पाक विवाद पर चर्चा करने के लिए भारतीय महावाणिज्यदूत से मिला। उनसे कहा कि मैं भारत की कार्रवाई समझता हूं और पाकिस्तान एवं कश्मीर में इस्लामी तत्वों को लेकर चिंतित हूं। लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए और दोनों देशों के परमाणु शक्तियां होने के मद्देनजर कूटनीतिक समाधान का अनुरोध करता हूं।’