अमेरिकी सीनेट ने विदेश विभाग में वैश्विक महिला मुद्दों के कार्यालय के लिए राजदूत के पद के लिए एक भारतीय-अमेरिकी डॉ गीता राव गुप्ता के नाम पर मुहर लगाई है।
मंत्रालय ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि वह अमेरिकी विदेश नीति के माध्यम से महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों को बढ़ावा देने के गुप्ता के प्रयासों से काफी प्रभावित है। इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी सीनेट में हुए मतदान में 51-47 मतों से गुप्ता के नाम की पुष्टि की गई।
गुप्ता के अनुसार, दुनिया भर में ऐसी कई असमानताएं और तिरस्कार हैं, जिन्हें महिलाएं झेल रही हैं और ये उन्हें अर्थव्यवस्था में पूरी तरह भागीदार बनने से रोकती हैं। उन्होंने पिछले साल कहा था कि वे अपनी सुरक्षा से संबंधित खतरों का सामना कर रही हैं। उन्हें रोजाना हिंसा का डर भी सताता है, और इससे वे अस्थिर होती हैं।
गीता गुप्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लैंगिक समानता और महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा देने वाले नेता के रूप में जाना जाता है और अमेरिकी विदेश विभाग ने उनकी नियुक्ति का स्वागत किया है। विदेश विभाग ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि अमेरिकी विदेश नीति के माध्यम से महिलाओं और लड़कियों के अधिकारों को बढ़ावा देने के उनके प्रयासों के लिए तत्पर है।
गुप्ता ने विभिन्न संयुक्त राष्ट्र (यूएन) एजेंसियों और कार्यक्रमों के साथ मिलकर काम किया। उन्होंने यूएन फाउंडेशन के लड़कियों और महिलाओं के लिए 3डी कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक के रूप में काम किया। वह महिलाओं और एड्स पर यूएनएड्स ग्लोबल गठबंधन की सलाह भी देती हैं और इंटरएक्शन और मोरिया फंड के बोर्ड में हैं। उन्होंने शिक्षा और लैंगिक समानता पर संयुक्त राष्ट्र मिलेनियम प्रोजेक्ट टास्क फोर्स के सह-अध्यक्ष का पद भी संभाला।
यूएन फाउंडेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष पीटर येओ ने कहा कि गुप्ता की नियुक्ति ऐसे समय में लैंगिक समानता के लिए अमेरिकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है जब दुनिया भर में महिलाओं के बुनियादी मानवाधिकार और कल्याण खतरे में हैं।
यूएन फाउंडेशन की लड़कियों और महिलाओं की रणनीति के उपाध्यक्ष मिशेल मिलफोर्ड मोर्स ने कहा कि डॉ गुप्ता वैश्विक महिला मुद्दों के कार्यालय के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में व्यापक अनुभव के साथ एक अत्यधिक प्रशंसित नेता हैं। यह अमेरिकी वैश्विक नेतृत्व के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका है, और डॉ गुप्ता इसे बड़ी विशिष्टता के साथ पूरा करेंगे।