भारतीय राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला के साथ पीयूष गोयल
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अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन श्रृंगला का कहना है कि भारत की आर्थिक स्थिति लगातार बेहतर होती जा रही है। ऐसे में 21वीं सदी में देश के पास ग्लोबल सुपरपावर बनने का मौका है। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंध रणनीतिक और आर्थिक दोनों क्षेत्रों में तेजी से विकसित हो रहे हैं।
हार्वर्ड कैनेडी स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान छात्रों और फैकल्टी को संबोधित करते हुए श्रृंगला ने शुक्रवार को कहा, 'जहां कई देश समावेशी विकास में असफल हो जाते हैं वहीं भारत ने इस मामले में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। विकास में सबसे बड़ी समस्या बड़ी अर्थव्यवस्थाओं ने कमाई की असमानता से पैदा की है।'
राजदूत ने कहा, 1990 के बाद भारत ने करोड़ों लोगों को गरीबी से निकालने में सफलता हासिल की है। हर दूसरा 2030 तक परिवार मध्यम वर्ग का होगा। भारत जल्द ही जनसंख्या के आधार पर दुनिया के लिए सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा। जैसे-जैसे लोगों की प्रति व्यक्ति आय बढ़ेगी, भारत सबसे बड़ा बाजार बन जाएगा।
विश्व बैंक के अनुसार तब तक भारत एक उच्च-मध्यम वर्ग वाला देश बन जाएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि भारत ऐसी ताकत बनेगा जिसे कि कोई भी देश नजरअंदाज नहीं कर सकेगा। इसके साथ ही हमारी अर्थव्यवस्था भी निवेश और कुशल कार्यबल के जरिए दुनियाभर से जुड़ी होगी।
उन्होंने कहा कि भारत में सामाजिक सामाजिक असमानता को खत्म करने के लिए सकारात्मक काम किए गए हैं। इतिहास में छूटे गए वंचित वर्ग के लिए मौके पैदा किए गए। जिससे इस तरह की असमानता को ठीक ढंग से मिटाया गया। हमारी बुनियाद पर भारत के विकास की कहानी आधारित है।