कुवैत एयरपोर्ट हमले में घायल भारतीयों से मिलीं राजदूत पारमिता त्रिपाठी
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कुवैत में भारत की राजदूत पारमिता त्रिपाठी ने बुधवार को उन भारतीय नागरिकों से मुलाकात की, जो कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में घायल हुए हैं। उन्होंने घायल भारतीयों को दूतावास की तरफ से हर संभव सहायता देने का भरोसा दिया। राजदूत कुवैत के सेंट्रल मॉर्चुरी (शवगृह) भी गईं, जहां उस भारतीय नागरिक का पार्थिव शरीर रखा गया है जिसकी इस हमले में जान चली गई।
दूतावास ने क्या कहा?
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर इस दौरे की जानकारी साझा की। दूतावास ने बताया कि राजदूत ने क्रिमिनल एविडेंस विभाग के जनरल मैनेजर ब्रिगेडियर अब्दुल रहीम अल-अवधी से भी मुलाकात की। उन्होंने इस दुखद मामले में कुवैत प्रशासन की तरफ से मिली तुरंत मदद और संवेदनशीलता के लिए उनका आभार जताया।
दूतावास ने जानकारी दी कि वे मृतक भारतीय नागरिक के परिवार के साथ लगातार संपर्क में हैं। शव को जल्द से जल्द भारत भेजने के लिए कुवैत के अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाया जा रहा है। राजदूत ने कुवैत के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती घायल भारतीयों का हालचाल जाना। उन्होंने घायलों से बातचीत की और आश्वासन दिया कि दूतावास अस्पतालों और उनके परिवारों के साथ मिलकर स्थिति की निगरानी करता रहेगा।
भारत ने की हमले की आलोचना
इससे पहले, भारत सरकार ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए इस ड्रोन हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच आम लोगों और नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। भारत ने एक बार फिर सभी पक्षों से ऐसे हमले रोकने की अपील की है।
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क्या है कुवैत और ईरान का कहना?
कुवैत के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, कई दुश्मन ड्रोनों ने हवाई अड्डे के टर्मिनल एक को निशाना बनाया। इस हमले से यात्री भवन को भारी नुकसान पहुंचा है और कई लोग घायल हुए हैं। कुवैत रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने इसे ईरानी आक्रामकता बताया। उन्होंने कहा कि कुवैत की सेना पूरी तरह अलर्ट पर है और देश की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं, ईरान ने इस हमले को अमेरिकी के खिलाफ जवाबी कार्रवाई बताया है।