संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत समेत 168 देशों ने कोविड-19 प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया है। यह प्रस्ताव सबसे बड़ी वैश्विक चुनौतियों में से एक का जवाब देने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की पुष्टि करता है और इस प्रकोप के जवाब में विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रमुख नेतृत्व की भूमिका को स्वीकार करता है।
प्रस्ताव सदस्य राज्यों को अग्रिम, दृढ़, साहसिक और ठोस कार्यों के साथ महामारी के तत्काल सामाजिक और आर्थिक प्रभावों को दूर करने के लिए कहता है, हालांकि जब तक सतत विकास लक्ष्यों को ना हासिल कर लिया जाए। अपने मत का पक्ष रखते हुए अमेरिका का कहना है कि प्रस्ताव में विश्व स्वास्थ्य संगठन के संदर्भों को से सहमत नहीं है।
अमेरिका ने कोरोना को लेकर सच छुपाने पर चीन की आलोचना भी की। चीन के वुहान से ही कोरोना वायरस की शुरुआत हुई थी। अमेरिका ने कहा अगर चीन एक जिम्मेदार सरकार की तरह व्यवहार करता तो शायद कोरोना से होने वाले नुकसान में थोड़ी कमी आती।
अमेरिका ने कहा कि ना सिर्फ चीन ने बल्कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी दुनिया को गुमराह किया। डब्ल्यूएचओ में सुधार की जरुरत है, जिसमें संगठन को चीन से स्वतंत्र होकर काम करके दिखाना होगा। अमेरिका ने इसलिए ही प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया है