मसौदा प्रस्तावों में मानवाधिकारों के कई मुद्दों को शामिल किया गया है जैसे, साक्षरता के अधिकार और यौन शोषण से बच्चों की सुरक्षा से लेकर अपराध की रोकथाम और आपराधिक न्याय के मामलों आदि।
संयुक्त राष्ट्र महासभा में शुक्रवार को रूस के मसौदा प्रस्ताव पर मतदान हुआ जिस पर भारत ने रूस के पक्ष में मतदान किया है। इस दौरान यौन शोषण से बच्चों की सुरक्षा, साक्षरता आदि पर बहस के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा की एक समिति ने नाजीवाद के महिमामंडन का मुकाबला करने के लिए रूस के एक मसौदा प्रस्ताव को मंजूरी दी।
विज्ञापन
समिति ने आठ मसौदा प्रस्तावों को मंजूरी दी, जिसमें स्वदेशी लोगों के अधिकारों, डिजिटल युग में गोपनीयता, नाजीवाद के महिमामंडन की निंदा करना शामिल है। मसौदे के खिलाफ 51 देशों ने मतदान किया और 15 देशों ने भाग नहीं लिया। मसौदा प्रस्तावों में मानवाधिकारों के कई मुद्दों को शामिल किया गया है जैसे, साक्षरता के अधिकार और यौन शोषण से बच्चों की सुरक्षा से लेकर अपराध की रोकथाम और आपराधिक न्याय के मामलों आदि।
संयुक्त राष्ट्र ने अपनी विज्ञप्ति में रूसी संघ के प्रतिनिधि ने जातिवाद और विदेशी द्वेष से संबंधित बयानबाजी में वृद्धि पर चिंता व्यक्त की। मसौदा प्रस्ताव में सभा ने नाजी आंदोलन, नव-नाजीवाद और वेफेन एसएस संगठन के पूर्व सदस्यों, स्मारकों को खड़ा करने और नाजी अतीत को महिमामंडित करने के लिए सार्वजनिक प्रदर्शनों को शामिल करने के बारे में विधानसभा ने गहरी चिंता व्यक्त की थी।