अमेरिका में भारत के राजदूत हर्षवर्धन श्रींगला ने कहा कि दोनों देशों के पास मजबूत आर्थिक भागीदारी और इसका लाभ उठाने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका से कच्चा तेल आयात करने की तैयारी में है और दोनों देशों की कंपनियां रक्षा एवं विमानन क्षेत्रों में गठजोड़ कर रही हैं।
श्रींगला ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को एक साक्षात्कार में कहा, ‘अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है और भारत अमेरिका का नौवां सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। दोनों देशों का एक-दूसरे के पास अच्छा-खासा निवेश है। न सिर्फ अमेरिका ने भारत में करीब 50 अरब डॉलर का निवेश किया है बल्कि हमने भी अमेरिका में करीब 20 अरब डॉलर का निवेश किया है।’
उन्होंने कहा कि भारत की हाईटेक कंपनियों ने अमेरिका में 50 अरब डॉलर से अधिक का मूल्यवर्धन किया है और रोजगार के 1,75,000 अवसर सृजित किये हैं। उन्होंने कहा, ‘यह दोतरफा संबंध है और यह सिर्फ आगे ही बढ़ सकता है। यदि यह आगे बढ़ा तो इससे दोनों को लाभ होगा।’
श्रींगला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति विरोधाभासी नहीं है और एक-साथ इनका सह-अस्तित्व संभव है। उन्होंने कहा, ‘हम ऐसी वस्तुओं और सेवाओं का सृजन करते हैं जिनका अमेरिका इस्तेमाल कर सकता है। इसी तरह अमेरिका ऐसी वस्तुओं और सेवाओं का सृजन करता है जिनका इस्तेमाल हम कर सकते हैं।’