अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन की देश की बागडोर संभालने की तैयारी के बीच भारतीय राजदूत ने कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिका के साथ भारत के संबंधों की व्याख्या रणनीतिक, कोरोना, आईसीटी-डिजिटल, जलवायु परिवर्तन और शिक्षा के आधार पर की जा सकेगी। अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू ने यह टिप्पणी शुक्रवार को ‘पैन आईआईटी ग्लोबल समिट’ में की।
संधू ने कहा, कई लोग मुझसे पूछते हैं कि आने वाले दिनों में भारत-अमेरिका संबंधों में भारत की क्या प्राथमिकता होगी। मैं उन्हें बताता हूं कि पांच मुख्य क्षेत्र। इसमें पहला होगा रणनीतिक, दूसरा कोविड-19 से जुड़ा यह दोनों देशों के लिए तात्कालिक प्राथमिकता का क्षेत्र होगा इसके तहत फार्मा, स्वास्थ्य देखभाल और टीका आते हैं। तीसरी प्राथमिकता आईसीटी-डिजिटल-स्टार्टअप है जिसमें हमारी जिंदगी को बदल देने की क्षमता है और जिसमें आप में से कई नेतृत्व कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा, चौथी प्राथमिकता जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण और नवीकरणीय ऊर्जा खासतौर पर सौर ऊर्जा है जबकि आखिरी लेकिन महत्वपूर्ण प्राथमिकता शिक्षा है। उल्लेखनीय है कि जो बाइडन 20 जनवरी को अमेरिका के 46वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लेने वाले हैं। उन्होंने तीन नवंबर को हुए राष्ट्रपति चुनाव में निवर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हराया है।