अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने हाल ही में व्हाइट हाउस में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ एक अहम बैठक की।
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब भारत और अमेरिका ने आपसी व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। हाल ही में विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने वॉशिंगटन में भारत-अमेरिका व्यापार सुविधा पोर्टल की शुरुआत की थी। फरवरी में तय ढांचे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार को आसान बनाना, बाजार तक पहुंच बढ़ाना और आपूर्ति शृंखला को मजबूत करना है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में गैर-शुल्क बाधाओं को कम करने और आपसी सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
महत्वपूर्ण खनिज और क्वाड गठबंधन पर फोकस
इस बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स यानी महत्वपूर्ण खनिजों की सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर भी चर्चा की गई। इसके अलावा क्वाड (Quad) गठबंधन (जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल है) को और सक्रिय बनाने पर भी विचार-विमर्श हुआ।
मिस्री और एफबीआई प्रमुख काश पटेल के बीच अहम चर्चा
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने आज अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई के निदेशक काश पटेल से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच आतंकवाद, संगठित अपराध और नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जारी सहयोग पर विस्तार से चर्चा हुई। वाशिंगटन डीसी स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, यह बातचीत बेहद उपयोगी रही और दोनों पक्षों ने आपसी समन्वय को और मजबूत करने पर जोर दिया।