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India-UK FTA: 'वे दुनिया के बेहतरीन वार्ताकारों में से एक', ब्रिटिश अधिकारी ने की पीयूष गोयल की तारीफ

सार

भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता (FTA) 15 जुलाई से लागू हो गया। दक्षिण एशिया के लिए ब्रिटेन के व्यापार आयुक्त हरजिंदर कांग ने केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को सर्वश्रेष्ठ वार्ताकारों में से एक बताते हुए उनकी सराहना की। 
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पीयूष गोयल, केंद्रीय वाणिज्य मंत्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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भारत और ब्रिटेन के बीच मुक्त व्यापार समझौते के बाद दक्षिण एशिया के लिए यूनाइटेड किंगडम के व्यापार आयुक्त हरजिंदर कांग ने बुधवार को केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को सर्वश्रेष्ठ वार्ताकारों में से एक बताया।

पीयूष गोयल को अच्छा दोस्त बताया

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ब्रिटेन-भारत मुक्त व्यापार समझौते के लिए ब्रिटेन के मुख्य वार्ताकार के रूप में काम करने वाले हरजिंदर कांग ने एक साथ कई व्यापार सौदों को संतुलित करने के लिए पीयूष गोयल की प्रशंसा की और उन्हें एक अच्छा दोस्त बताया।

कब हुआ था एफटीए?
दोनों देशों ने पिछले साल जुलाई 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ब्रिटेन यात्रा के दौरान मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए थे। यह समझौता 15 जुलाई से प्रभावी होगा। लंदन में हस्ताक्षरित इस ऐतिहासिक समझौते के तहत ब्रिटेन को होने वाले 90.2% भारतीय निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा और प्रमुख ब्रिटिश उत्पादों पर भारत के आयात शुल्क में भारी कमी आएगी।

हरजिंदर कांग ने आगे क्या कहा?

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एएनआई को दिए एक साक्षात्कार में कांग ने कहा, 'अब मेरे सभी समकक्षों के साथ मेरी बहुत अच्छी दोस्ती हो गई है। जहां हम वर्षों तक एक-दूसरे से मतभेद रखते थे, वहीं अब हम नियमित रूप से हाथ मिलाते हैं और चाय पीते हैं।

मंत्री गोयल... मैं उनकी सराहना करता हूं। मैंने जितने भी वार्ताकार देखे हैं, उनमें से वे सबसे बेहतरीन हैं।  उन्हें इस बात का श्रेय जाता है कि वे हमारे साथ-साथ इतने सारे मुक्त व्यापार समझौतों को भी सफलतापूर्वक संभाल रहे हैं। और अब हम अच्छे दोस्त बन गए हैं।'

भारत दुनिया के सबसे बड़े निवेश अवसरों में से एक
उन्होंने आगे कहा कि द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) निवेशकों को अधिक विश्वास और कानूनी संरक्षण प्रदान करके भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के प्रवाह को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। भारत दुनिया के सबसे बड़े निवेश अवसरों में से एक बना हुआ है।

वैश्विक कंपनियां जोखिम-लाभ के नजरिए से निवेश निर्णयों का मूल्यांकन करने के बावजूद देश को तेजी से उच्च-विकास वाले बाजार के रूप में देख रही हैं। लोग भारत के बारे में अपने विचार जोखिम पर प्रतिफल के आधार पर बना रहे हैं। यह विकास का एक बहुत बड़ा अवसर है। कांग ने कहा कि बहुराष्ट्रीय निगम पूंजी लगाने से पहले निवेश जोखिमों के साथ-साथ विकास की संभावनाओं का भी आकलन करते हैं।

यूके इंडिया अवार्ड्स को लेकर क्या कहा? 
लंदन में आयोजित वार्षिक यूके इंडिया अवार्ड्स 2026 को याद करते हुए, यूके के व्यापार आयुक्त ने कहा, 'उन्होंने (पीयूष गोयल) कुछ दिन पहले लंदन में ग्लोबल फोरम में हमें एक पुरस्कार दिया और वास्तव में मुझे दर्शकों के बीच खड़ा कर दिया और मेरा नाम लेकर थोड़ा सम्मान जताया। वह पहले दिन से ही भारतीय प्रणाली में निरंतरता बनाए हुए हैं।'

समझौते को कठिन क्यों बताया? 
उन्होंने कहा, भारतीय मूल का होने के नाते, मुझे भारतीय मानसिकता का कुछ अंदाजा था। इसलिए मुझे लगा कि मैं जानता हूं कि यह कैसा होगा, लेकिन यह मुश्किल था। मुझे लगता है कि भारतीय व्यवस्था लेन-देन और पारस्परिकता पर आधारित है। अगर मैं आपको कुछ देता हूं, तो बदले में कुछ उम्मीद रखनी चाहिए और इसका उल्टा भी सच है। और मुझे लगता है कि यह ठीक है।
एक बार जब आप खेल के इन नियमों को समझ लेते हैं, तो इसे समझना आसान हो जाता है। व्यक्तित्व के मामले में, क्योंकि मैं सांस्कृतिक रूप से भारत से परिचित हूं और भारत से मेरा काफी जुड़ाव रहा है, इससे बहुत फर्क पड़ता है।'

समझौते का उद्देश्य क्या है?
यूके-भारत मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए), जिसे आधिकारिक तौर पर व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता ( सीईटीए) के रूप में जाना जाता है, एक ऐतिहासिक समझौता है जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को सालाना 25.5 बिलियन पाउंड तक बढ़ाना है।

कितने प्रतिशत निर्यात पर शुल्क नहीं लगेगा? 
इस समझौते में वस्त्र, व्हिस्की और कारों जैसी वस्तुओं पर टैरिफ में काफी कमी शामिल है, जिससे भारतीय निर्यात ब्रिटेन के बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बन जाएगा और इसके विपरीत भी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, ब्रिटेन के साथ हुए इस समझौते से भारतीय निर्यात के लिए बाजार पहुंच में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है, जिसके तहत ब्रिटेन को होने वाले भारत के 90.2 प्रतिशत निर्यात पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।

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