स्विट्जरलैंड की आर्थिक मामलों की मंत्री हेलेना एर्टीडा से सवाल किया गया कि क्या वे भारत को चीन के विकल्प के तौर पर देखती हैं? इस पर उन्होंने चौंकाने वाला जवाब दिया और भारत को चीन पर तरजीह दी। उन्होंने कहा कि स्विट्जरलैंड को भारत की क्षमताओं में विश्वास है।
भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल स्विट्जरलैंड दौरे पर हैं। भारत और स्विट्जरलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर हाल ही में मुहर लगी है और सितंबर से यह समझौता लागू हो जाएगा। इसी को लेकर बात करने के लिए पीयूष गोयल स्विट्जरलैंड में हैं। गोयल ने समझौते को लेकर कहा कि इससे दोनों देशों को फायदा होगा और भारत, स्विट्जरलैंड का विश्वसनीय सहयोगी बनकर उभरेगा।
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कई क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग
गोयल ने कहा है कि 'स्विट्जरलैंड में 100 अरब डॉलर का निवेश आने की उम्मीद है। आज स्विट्जरलैंड की 1500 से ज्यादा कंपनियां रिसर्च, प्रीसिशन, मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग के काम में लगी हुई हैं। इन कंपनियों को उपकरण पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं।' गोयल ने कहा कि 'मेरी यहां कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई, जो काफी अच्छी रही। दोनों देशों में कई क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं हैं, जिनमें अंतरिक्ष, इंजीनियरिंग और खाद्य प्रसंस्करण और कृषि जैसे क्षेत्र शामिल हैं। भारत को स्विट्जरलैंड की तकनीक से फायदा मिल सकता है। हमारे पास दक्ष लोग हैं हमारे यहां श्रम सस्ता भी है। भारत स्विट्जरलैंड का विश्वसनीय सहयोगी बनेगा।'
कई देशों के साथ एफटीए पर हो रही बात
पीयूष गोयल ने बताया कि 'भारत की कई देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते को लेकर बातचीत हो रही है। यूरोपीय संघ के साथ हमारी मंत्री स्तर की तीन बैठकें हो चुकी हैं और जल्द ही मुक्त व्यापार समझौते पर सहमति बनने की उम्मीद है। न्यूजीलैंड के साथ भी जल्द बातचीत पूरी हो सकती हैं। अमेरिका के साथ भी चर्चा चल रही है और सितंबर 2025 तक इसके होने की उम्मीद है। पेरू और चिली के साथ भी बात चल रही है।'
स्विट्जरलैंड की आर्थिक मामलों की मंत्री हेलेना एर्टीडा से सवाल किया गया कि क्या वे भारत को चीन के विकल्प के तौर पर देखती हैं? इस पर उन्होंने कहा कि 'हम दुनिया में सभी जगह व्यापार करना चाहते हैं। हालांकि हमारी प्राथमिकता भारत है क्योंकि भारत के एक लोकतंत्र है और भारत तेजी से विकास कर रहा है। साथ ही भारत में बड़ा उपभोक्ता बाजार है। इसलिए हमारी रुचि भारत में ज्यादा है। हमें भारत की क्षमताओं में पूरा विश्वास है।'
भारत का निर्यात 825 अरब डॉलर के पार चला जाएगा
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि गंभीर भू-राजनीतिक चुनौतियों की वजह से विश्व व्यापार के लिए मुश्किल समय है। हालांकि भारत लगातार विजेता बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में भारत का निर्यात 825 अरब डॉलर के पार चला जाएगा। वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारत का निर्यात 778 अरब डॉलर था, जो इस बार अच्छी खासी बढ़ोतरी के बाद 825 अरब डॉलर के पार पहुंचेगा। यह सर्वकालिक उच्च स्तर है। शीर्ष निर्यातकों के निकाय FIEO ने अनुमान लगाया है कि देश का कुल वस्तु और सेवा निर्यात 2025-26 के दौरान साल-दर-साल 21 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 1 खरब अमरीकी डॉलर होने की उम्मीद है। भारतीय निर्यात संगठनों के महासंघ (FIEO) के अनुसार, 2025-26 में व्यापारिक निर्यात 2024-25 के 437 अरब डॉलर से 12 प्रतिशत बढ़कर 525-535 अरब डॉलर होने की उम्मीद है, जबकि सेवा निर्यात पिछले वित्त वर्ष के 387 अरब डॉलर से लगभग 20 प्रतिशत बढ़कर 465-475 अरब डॉलर होने की संभावना है।