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US में पैक्स सिलिका सम्मेलन: भारत ने AI अवसर संबंधी पहल का किया समर्थन, संयुक्त घोषणा-पत्र पर किए हस्ताक्षर

Sat, 27 Jun 2026 07:19 AM IST
निर्मल कांत एजेंसी, वाशिंगटन।

सार

भारत सहित 35 देशों ने अमेरिका की उस पहल का समर्थन किया है, जिसका उद्देश्य एआई तकनीक के विकास के लिए मजबूत और भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखलाओं का निर्माण करना है। वाशिंगटन में आयोजित दूसरे पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन में इन देशों ने एक संयुक्त घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर कर विकास और नवाचार को बढ़ावा देने वाले नियामकीय दृष्टिकोण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। पढ़िए रिपोर्ट-
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पैक्स सिलिका सम्मेलन - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक/ऑल इंडिया रेडियो
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विस्तार
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भारत समेत 35 देशों ने एआई प्रौद्योगिकियों को गति देने के लिए विश्वसनीय और मजबूत आपूर्ति शृंखलाओं के विकास की अमेरिकी पहल का समर्थन कर साझा घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। वाशिंगटन में हुए दूसरे पैक्स सिलिका शिखर सम्मेलन में 35 देशों ने इस संयुक्त घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर करके विकासोन्मुखी और नवाचार-समर्थक नियामकीय दृष्टिकोण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
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अमेरिकी आर्थिक मामलों के अवर विदेश मंत्री जैकब हेलबर्ग ने कहा, यह विश्वसनीय आपूर्ति शृंखलाओं के निर्माण, निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने और ऐसी बुनियादी संरचना विकसित करने की प्रतिबद्धता है, जो आने वाली सदी की एआई क्रांति को शक्ति प्रदान करेगी। शिखर सम्मेलन के दौरान अर्जेंटीना, जर्मनी, नीदरलैंड, चिली, कोस्टा रिका, यूनान, कजाखस्तान, पनामा और यूरोपीय संघ भी पैक्स सिलिका पहल से जुड़ गए। शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन, विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (अमेरिका) नागराज नायडू तथा भारतीय उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने किया। 

प्रौद्योगिकी आपूर्ति शृंखलाओं में सहयोग
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अन्य देशों की सरकारों व उद्योग जगत प्रतिनिधियों के साथ सेमीकंडक्टर, एआई, लचीली व भरोसेमंद प्रौद्योगिकी आपूर्ति शृंखलाओं में सहयोग बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया। हेलबर्ग ने कहा, एआई का भविष्य इस बात से तय नहीं होगा कि सबसे पहले नियम कौन बनाता है, बल्कि हमें ऐसा भविष्य बनाना है, जहां नवाचार, निजी निवेश बढ़े।
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भारत फरवरी में इस पहल से जुड़ा
हेलबर्ग ने कहा, हम सब मिलकर ऐसे एआई भविष्य का निर्माण करना चाहते हैं, जो हमारे नागरिकों की सेवा करे, हमारी अर्थव्यवस्थाएं मजबूत बनाए तथा उद्यमिता, नवाचार को सशक्त करे। भारत इस वर्ष फरवरी में नई दिल्ली में आयोजित ‘एआई इम्पैक्ट समिट’ के मौके पर इस पहल से जुड़ा।
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