संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर आशीष शर्मा ने कहा कि पाकिस्तान की यह टिप्पणियां और कुछ नहीं बल्कि पाकिस्तान में बच्चों के खिलाफ होने वाले गंभीर उल्लंघनों से परिषद का ध्यान हटाने की कोशिश है। पाकिस्तान में बच्चों को लेकर महासचिव की रिपोर्ट में तथ्य उजागर किए गए हैं।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को लताड़ लगाई है। भारत ने बच्चों और सशस्त्र संघर्ष पर सुरक्षा परिषद की बहस के दौरान जम्मू-कश्मीर का जिक्र करने वाली पाकिस्तान की टिप्पणी की आलोचना करते हुए उसे राजनीति से प्रेरित और जहरीली करार दिया। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर आशीष शर्मा ने खुली बहस में कहा कि जो लोग कट्टरता में डूबे हुए हैं उनके लिए बहुलवादी समाज को समझना कठिन है।
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पाकिस्तान को सुनाई खरी-खरी
बुधवार को बच्चों और सशस्त्र संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की खुली बहस में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर आशीष शर्मा ने कहा कि मुझे मेरे देश के खिलाफ एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा की गई राजनीति से प्रेरित और तुच्छ टिप्पणियों का भी जवाब देना चाहिए, लेकिन मैं उन पर प्रतिक्रिया देकर भारत पर उनकी जहरीली टिप्पणियों को प्रतिष्ठित नहीं करूंगा। जो लोग कट्टरता में डूबे हुए हैं, उनके लिए बहुलतावादी समाज को समझना मुश्किल होगा।
जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा
उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की यह टिप्पणियां और कुछ नहीं बल्कि पाकिस्तान में बच्चों के खिलाफ होने वाले गंभीर उल्लंघनों से परिषद का ध्यान हटाने की कोशिश है। पाकिस्तान में बच्चों को लेकर महासचिव की रिपोर्ट में तथ्य उजागर किए गए हैं।
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आशीष शर्मा ने जोर देकर यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के संपूर्ण केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा थे, हैं और हमेशा रहेंगे। पाकिस्तान के प्रतिनिधि का इस पर चाहें जो रुख हो।
वैश्विक आतंकी गतिविधियों में शामिल होने वाले बच्चों की संख्या में वृद्धि पर जताई चिंता
इस दौरान अपने बयान में, शर्मा ने वैश्विक आतंकवाद से संबंधित गतिविधियों में शामिल होने वाले बच्चों की संख्या में वृद्धि की खतरनाक और चिंताजनक प्रवृत्ति पर भी चिंता जताई। इस दौरान उन्होंने बाल संरक्षण एजेंडे और आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए एक समन्वित दृष्टिकोण की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि सदस्य देशों को परिषद के बाल संरक्षण दायित्वों को पूरा करने के लिए आतंकवाद के अपराधियों और उनके प्रायोजकों को जवाबदेह ठहराने के लिए अधिक राजनीतिक इच्छाशक्ति प्रदर्शित करने की आवश्यकता है।
बता दें कि इस बहस में ही पाकिस्तान के संयुक्त राष्ट्र दूत मुनीर अकरम ने अपने बयान में जम्मू और कश्मीर का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा था कि यह एक विसंगति है कि बच्चों और सशस्त्र संघर्ष पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की नवीनतम रिपोर्ट में भारत को शामिल नहीं किया गया है।