भारत ने एक बार फिर कहा कि वह अफ्रीकी देशों को उनकी प्राथमिकताओं के तहत बिना शर्त सहयोग देने को प्रतिबद्ध है। विदेश सचिव हर्ष वर्धन शृंगला ने बुधवार को इस बात पर भी जोर दिया कि अफ्रीकी देशों को भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
विदेश सचिव ने कहा, भारत बिना शर्त अफ्रीकी देशों के समर्थन के लिए है प्रतिबद्ध
उन्होंने अफ्रीकी देशों की सुरक्षा परिषद में गैर मौजूदगी को ऐतिहासिक विसंगति बताते हुए इसे सुधारने की आवश्यकता जताई। विदेश सचिव संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय शांति व सुरक्षा पर आधारित खुली बहस में हिस्सा ले रहे थे।
उन्होंने कहा, सुरक्षा परिषद को आत्ममंथन की जरूरत है कि उसके एजेंडे में मौजूद विभिन्न देशों के आधे से ज्यादा मुद्दे अफ्रीका से जुड़े हैं, जबकि अफ्रीकी महाद्वीप के पास अपने हितों की रक्षा के लिए स्थायी सदस्यता के बीच अपनी एक भी आवाज मौजूद नहीं है। उन्होंने कहा, हमें इस ऐतिहासिक विसंगति को सुधारने और एजुलविनी समझौते का सामूहिक समर्थन करने की आवश्यकता है।
विदेश सचिव ने अफ्रीका में मौजूदा अस्थिरता के लिए उपनिवेशवाद के इतिहास को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्था को वहां शांति स्थापित करने की दिशा में अभी कई महत्वपूर्ण कदम उठाने की जरूरत है।
अफ्रीका में आतंकवाद की बढ़ती समस्या की तरफ सदस्य देशों का ध्यान आकर्षित करते हुए शृंगला ने कहा कि यूएनएससी व अंतरराष्ट्रीय समुदाय को वहां और ज्यादा मदद पहुंचानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय प्रभुत्व के पूर्ण सम्मान को कभी भी ज्यादा महत्व नहीं दिया जा सकता।
भारत ने समकालीन विश्व में एक अहम फैक्टर के तौर पर अफ्रीका के उदय का स्वागत किया। शृंगला ने कहा, भारत अफ्रीकी आकांक्षाओं का समर्थन करना जारी रखेगा और उसे एक ऐसे भविष्य के लिए सशक्त बनाने की दिशा में काम करेगा, जो गरिमा और सम्मान के साथ समावेशिता, स्थिरता, पारदर्शिता और सामाजिक-आर्थिक विकास के सिद्धांतों पर स्थापित होगा।
शृंगला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जुलाई 2018 में युगांडा की संसद को संबोधित करते हुए अफ्रीका के साथ भारतीय संपर्कों के लिए दिए गए दस निर्देशक सिद्धांतों का भी जिक्र किया।
अफ्रीकी देशों की जमकर मदद कर रहा भारत
अफ्रीका के साथ भारत की मजबूत विकास साझेदारी का भी शृंगला ने जिक्र किया। उन्होंने कहा, नई दिल्ली 43 अफ्रीकी देशों की मदद कर रही है। भारत की मदद से 37 अफ्रीकी देशों में 189 विकास परियोजनाएं पूरी की जा चुकी हैं, जबकि करीब 12.86 अरब डॉलर की लागत वाली 77 परियोजनाएं पूरी होने के कगार पर हैं।
उन्होंने कोविड-19 महामारी से लड़ने के लिए भारत की तरफ से अफ्रीकी देशों को मुहैया कराई गई अहम दवाओं की सप्लाई की जानकारी दी। साथ ही संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरस की अपील पर कांगो रिपब्लिक और दक्षिण सूडान में मौजूद वैश्विक सुरक्षा संस्था के अस्पतालों को कोरोना वायरस से लड़ने के लिए अपग्रेड करने में मदद देने का भी जिक्र किया।