फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चीन ने फिर की ओछी हरकत: अरुणाचल प्रदेश को बताया अपना हिस्सा, भारत के दो टूक जवाब से बीजिंग को लगी मिर्ची

Wed, 15 Apr 2026 12:21 PM IST
Devesh Tripathi वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग

सार

चीन की तरफ से अरुणाचल प्रदेश की कुछ जगहों के नाम बदलने की कोशिश पर भारत पहले भी कई बार सख्त आपत्ति जता चुका है। इसके बावजूद चीन की ये ओछी हरकतें रुकने का नाम नहीं लेती हैं। चीनी विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर वहीं अनर्गल दावा दोहराया है। भारत सरकार पहले ही इन दावों को भ्रामक और निराधार बता कर पूरी तरह से खारिज कर चुकी है।
 
विज्ञापन
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

चीन ने एक बार फिर अरुणाचल प्रदेश को अपना हिस्सा बताने की हिमाकत की है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने मंगलवार को बेशर्मी की हदें पार करते हुए एक बार फिर दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश के कुछ स्थानों के नामों को बदलना चीन की संप्रभुता के दायरे में आता है। उन्होंने कहा कि हमने कभी भी अरुणाचल प्रदेश को मान्यता नहीं दी। 
विज्ञापन


भारत की ओर से इस दावे को पहले ही दो टूक शब्दों में खारिज किया जा चुका है, तो चीन को इस बात पर मिर्ची लगना तय माना जा रहा था। भारतीय विदेश मंत्रालय ने 12 अप्रैल को ही चीन के इससे पहले दिए गए बयान पर बीजिंग को दो टूक जवाब दिया था। भारत सरकार ने इस चीनी विदेश मंत्रालय की इस ओछी हरकत को दोनों देशों के बीच संबंधों को स्थिर करने के प्रयासों को कमजोर करने वाला बताया था। 

ऐसी हरकतें भ्रामक और निरर्थक : भारत सरकार
दरअसल, चीन ने 10 अप्रैल को अरुणाचल प्रदेश की कुछ जगहों के नाम जारी करने की कोशिश की थी। इसके जवाब में भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि इस तरह की हरकतें भ्रामक और निरर्थक हैं और भारत इन्हें पूरी तरह अस्वीकार करता है। मंत्रालय के अनुसार, चीन का यह कदम गलत और बिना आधार का है। भारत ने दो टूक शब्गों में कहा कि अरुणाचल प्रदेश हमेशा से देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा रहा है और रहेगा।
विज्ञापन


चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि वर्तमान में चीन-भारत संबंध आम तौर पर स्थिर हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बीजिंग की भारत-चीन संबंधों को बेहतर बनाने और विकसित करने की नीति अपरिवर्तित है।  

चीन की विस्तारवादी सोच को भारत देता है कड़ी टक्कर
यह मामला भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद का एक और पहलू है, जो दोनों देशों के बीच तनाव का एक संवेदनशील बिंदु बना हुआ है। चीन द्वारा अपने नक्शे में भारतीय क्षेत्रों को शामिल करने और उनके नाम बदलने की कार्रवाई अक्सर विवादों को जन्म देती है। भारत लगातार इन दावों को खारिज करता रहा है और अरुणाचल प्रदेश को अपना अभिन्न अंग बताता रहा है।
विज्ञापन


अन्य वीडियो
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें