अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक दिवस के मौके पर भारत और ऑस्ट्रिया के स्थायी मिशन ने कर्तव्य की वेदी पर प्राण न्यौछावर करने वाले 4,000 से अधिक वीर सैनिकों और नागरिकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने वैश्विक स्थिरता में भारतीय सैनिकों के अथक प्रयासों की सराहना करते हुए देश की अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया।
भारत ने संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा के प्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए यहां एक कार्यक्रम में उन शांतिरक्षकों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने कर्तव्य का पालन करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षक दिवस के मौके पर संयुक्त राष्ट्र में भारत और ऑस्ट्रिया के स्थायी मिशन ने यहां एक कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें बलिदान शांति रक्षकों के सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
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संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, पर्वतनेनी हरीशने कहा, ये शांतिरक्षक दुनिया के विभिन्न हिस्सों में संकटग्रस्त क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते आ रहे हैं। इस संबंध में भारत का योगदान अहम है। वह बोले, शांति सैनिकों के अथक प्रयासों से खतरनाक परिस्थितियों में भी दुनिया भर में शांति और स्थिरता बनी रहती है। भारत संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता रखता है और इस महान लक्ष्य की दिशा में अपने प्रयास जारी रखेगा। 4,000 से अधिक उन बहादुर पुरुषों और महिलाओं, शांतिरक्षक वर्दीधारियों और आम नागरिकों को श्रद्धांजलि दी गई जिन्होंने शांति के लिए अपना जीवन कुर्बान कर दिया।
भारत ने अब तक 3 लाख सैनिक तैनात किए
भारत ने 1948 से अब तक 50 से अधिक संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में लगभग तीन लाख सैनिक तैनात किए हैं। भारतीय मिशन ने कहा, लगभग 184 भारतीय शांति रक्षकों ने अंतरराष्ट्रीय शांति-सुरक्षा में सर्वोच्च बलिदान दिया है। 29 मई 1948 को सुरक्षा परिषद द्वारा पश्चिम एशिया में यूएन शांति स्थापना अभियान- यूएन युद्धविराम पर्यवेक्षण संगठन की स्थापना के चलते मनाया जाता है। न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में पांच जून को यह दिवस मनाया जाएगा।