संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के लिए चेरी पिंकिंग यानी सामूहिक चयन से दूर रहने की आवश्यकता है। कुछ राष्ट्रों को सभी के लिए फैसला नहीं लेना चाहिए।
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने एक बार फिर जलवायु परिवर्तन पर अपनी आवाज बुलंद किया है। संयुक्त राष्ट्र की 76वीं बैठक में स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने जलवायु परिवर्तन पर अपनी बात रखी। विकसित राष्ट्र जलवायु परिवर्तन के लिए विकासशील देशों को 100 बिलियन डॉलर देता है इससे ज्यादा तो मीडिया कवरेज पर खर्च कर दिया जाता है। विकासशील देशों के लिए यह राशि पर्याप्त नहीं है। जलवायु कार्रवाई प्रतिबद्धता पर अब भी विकसित देशों की ओर से बड़ा अंतर मौजूद है।
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संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के लिए चेरी पिंकिंग यानी सामूहिक चयन से दूर रहने की आवश्यकता है। कुछ राष्ट्रों को सभी के लिए फैसला नहीं लेना चाहिए। भारत विकासशील देशों के हित में सदस्य-देशों द्वारा संचालित प्रक्रिया का समर्थन करता है।