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India-PAK Relation: 'भारत-पाकिस्तान इतिहास के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे', पूर्व विदेश मंत्री ने फिर रोया रोना

Fri, 21 Mar 2025 07:06 PM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पूर्व विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पदभार संभालने के बाद से भू-राजनीति में हो रहे बदलावों पर भी बात की। उन्होंने का कि ट्रंप की जीत पाकिस्तान-भारत संबंधों में सुधार का अवसर प्रदान कर सकती है।
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भारत-पाकिस्तान के रिश्तों में तल्खी - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी ने एक बार फिर पाकिस्तान से भारत के रिश्तों को लेकर पुराना रोना रोया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर भारत और पाकिस्तान के बीच इतिहास के सबसे बुरे दौरों में से एक है। इससे ज्यादा बुरा वक्त वास्तविक युद्ध के हालात के दौरान ही थे। उन्होंने उम्मीद के साथ कहा कि द्विपक्षीय संबंधों में अचानक सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। 

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इंस्टीट्यूट ऑफ पीस एंड कनेक्टिविटी (आईपीएसी) की ओर से गुरुवार को लाहौर में आयोजित 'पाकिस्तान-भारत संबंध- वर्तमान स्थिति और आगे का रास्ता' नाम के कार्यक्रम में बोलते हुए कसूरी ने कहा कि दोनों देशों के लिए अपने लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत ही एकमात्र रास्ता है। 

उन्होंने कहा कि युद्धों के बाद भी पाकिस्तान और भारत शांति प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के लिए जल्दी ही बातचीत के लिए आगे आए। अगर दोनों देश अपने विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का मौका चूक जाते हैं तो यह दुखद होगा, क्योंकि उनके पास जम्मू-कश्मीर मुद्दे के संभावित समाधान के लिए चार सूत्री फॉर्मूले के रूप में पहले से ही एक सहमत खाका मौजूद है।
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यह भी पढ़ें- 'निमंत्रण तो रिश्तों पर निर्भर करता है ना...', सरकार की पाकिस्तान को खरीखरी; अमेरिका-चीन पर कही यह बात


2002 से 2007 तक विदेश मंत्री रहे कसूरी IPAC के अध्यक्ष हैं
दरअसल, वे पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की ओर से भारतीय नेतृत्व को कथित तौर पर प्रस्तावित समाधान का जिक्र कर रहे थे। 2002 से 2007 तक विदेश मंत्री रहे कसूरी IPAC के अध्यक्ष हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के नेतृत्व में भाजपा और कांग्रेस दोनों सरकारों के साथ काम किया है। इसलिए कसूरी ने कहा कि उन्हें यकीन है कि वर्तमान में निराशाजनक स्थिति के बावजूद, भारत के मूक बहुसंख्यक लोग पाकिस्तान के साथ शांति चाहते हैं। चुनौतियों और मौजूदा तनाव के बावजूद कसूरी ने कहा कि उनके अनुभव ने उन्हें सिखाया है कि पाकिस्तान-भारत संबंध अचानक सकारात्मक बदलाव देखेंगे।

'मुशर्रफ का नई दिल्ली में गर्मजोशी से स्वागत किया गया था'
उन्होंने याद किया कि कैसे राष्ट्रपति मुशर्रफ (कारगिल संघर्ष के वास्तुकार) का बाद में नई दिल्ली में गर्मजोशी से स्वागत किया गया था। इसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में लाहौर में तत्कालीन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से मुलाकात करके सबको चौंका दिया था। कसूरी ने दावा किया, 'ऐसी विश्वसनीय रिपोर्टें थीं कि प्रधानमंत्री मोदी अप्रैल 2021 में पाकिस्तान का दौरा करेंगे। वे हिंगलाज माता मंदिर की तीर्थयात्रा और बाद में शांति प्रक्रिया को फिर से शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान से मिलने के लिए इस्लामाबाद जाने वाले थे।' 
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ट्रंप पर भी बात की
पूर्व विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पदभार संभालने के बाद से भू-राजनीति में हो रहे बदलावों पर भी बात की। उन्होंने का कि ट्रंप की जीत पाकिस्तान-भारत संबंधों में सुधार का अवसर प्रदान कर सकती है। उन्होंने कहा, 'यह शर्म की बात है कि पाकिस्तान और भारत में अभी भी दुनिया में सबसे अधिक गरीब लोग हैं और वे चीन, जापान और आसियान देशों जैसे अन्य क्षेत्रों और देशों की तुलना में पीछे रह गए हैं।' उन्होंने इसके लिए स्वतंत्रता के बाद से दोनों के बीच लगातार तनाव को जिम्मेदार ठहराया। 

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