यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन सिस्टम की चांसलर भारतीय-अमेरिकी मूल की रेणु खटोड़ को शिक्षा व अकादमिक नेतृत्व के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए प्रतिष्ठित अमेरिकन ऐकेडमी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज (एएएएस) में शामिल किया गया है।
उत्तर प्रदेश में जन्मी 61 साल की खटोड़ एएएएस की 2020 की इस सप्ताह घोषित सूची में प्रतिष्ठित कलाकारों, विद्वानों, वैज्ञानिकों और सार्वजनिक, गैर लाभ वाले और निजी क्षेत्रों के नेताओं समेत 250 से अधिक लोगों के साथ सदस्य के रूप में जुड़ेंगी। खटोड़ विश्वविद्यालय की अध्यक्ष भी हैं। वह पहली महिला चांसलर हैं और पहली भारतीय प्रवासी भी जो अमेरिका में इस गहन शोध विश्वविद्यालय के प्रमुख पद पर आसीन हुई हैं।
उन्होंने कहा, 'इस प्रतिष्ठित संस्थान से मान्यता मिलना मेरे लिए गौरव की बात है। इतने प्रतिष्ठित लोगों की सूची में शामिल होना सम्मान की बात है। उन्होंने कानपुर विश्वविद्यालय से स्नातक किया है। वहीं राजनीति विज्ञान और लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर और पीएचडी की डिग्री अमेरिका के परड्यू विश्वविद्यालय से ली है। बता दें कि एएएएस हर क्षेत्र के नवाचार विचारकों का प्रतिनिधि संगठन है। 250 से अधिक नोबेल पुरस्कार विजेता और पुलित्जर पुरस्कार विजेता इसके सदस्य हैं।