प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी अमेरिका के दौरे पर हैं। जहां उन्होंने गुरुवार को रूस-यूक्रेन के मुद्दे पर बातचीत की। पीएम मोदी ने इस मामले में एक सख्त संदेश देते हुए कहा कि भारत युद्ध के मामले में तटस्थ नहीं है, हम हमेशा से ही शांति का पक्षधर है। साथ ही पीएम मोदी ने रूस और यूक्रेन यूद्ध को समाप्त करने के ट्रंप के प्रयासों की भी सराहना की और कहा कि संघर्ष का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं मिल सकता। शांति के लिए बातचीत और कूटनीति ही सबसे प्रभावी रास्ता है।
भारत हमेशा से रूस-यूक्रेन के संपर्क में
व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ विस्तृत बातचीत के बाद मोदी ने बताया कि भारत युद्ध पर तटस्थ नहीं रहा है, बल्कि वह हमेशा शांति के पक्ष में रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने रूस और यूक्रेन के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा है और दोनों देशों के नेताओं से मुलाकात की है।
रूस-यूक्रेन मुद्दे पर भारत की भूमिका, समझिए
गौरतलब है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के मुद्दे पर भारत का रूख हमेशा से ही तटस्थ रहा है। साथ ही भारत हमेशा से यूक्रेन संघर्ष को कूटनीति और बातचीत के माध्यम से हल करने का समर्थन करता रहा है। पिछले साल जुलाई में पुतिन से अपनी शिखर वार्ता के दौरान मोदी ने कहा था कि युद्ध के मैदान में समाधान नहीं मिल सकता। कुछ समय बाद मोदी यूक्रेन भी गए थे और वहां के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से बातचीत करते हुए कहा कि यूक्रेन और रूस को बिना समय गंवाए एक साथ बैठकर युद्ध समाप्त करना चाहिए और भारत इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है।