न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को लेकर बड़ी घोषणा की है। लक्सन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर सोमवार यानी 27 अप्रैल को हस्ताक्षर किए जाएंगे।
एफटीए पर दोनों देशों के बीच कब चर्चा शुरू हुई?
भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत औपचारिक रूप से 16 मार्च 2025 को शुरू हुई थी। यह औपचारिक शुरुआत भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले के बीच एक बैठक के दौरान हुई थी।
नीचे जानिए समझौते की खास बातें
भारत और न्यूजीलैंड ने पिछले वर्ष दिसंबर को व्यापार वार्ताओं को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया था। यह 2020 के बाद से भारत का सातवां व्यापार समझौता है। आइए इस की प्रमुख बातों के बारे में।
- शुल्क कटौती: न्यूजीलैंड 100% टैरिफ लाइनों पर शुल्क समाप्त करेगा, जबकि भारत ने संवेदनशील कृषि उत्पादों (जैसे डेयरी) के लिए सुरक्षा उपाय रखते हुए 70% टैरिफ लाइनों को खोला है।
- व्यापार के आंकड़े: वित्त वर्ष 2025 में, भारत ने न्यूजीलैंड को 711.1 मिलियन डॉलर का निर्यात किया (एविएशन फ्यूल, टेक्सटाइल, फार्मा), जबकि आयात 587.1 मिलियन डॉलर रहा (कच्चा माल, स्क्रैप मेटल, कोयला)।
- व्यापक दायरा: यह एफटीए 20 अध्यायों को कवर करता है, इसमे निवेश, छोटे व मध्यम उद्योग, बौद्धिक संपदा अधिकार, स्थिरता और पारंपरिक ज्ञान शामिल हैं। जीटीआरआई के अनुसार गतिशीलता, सेवाओं और निवेश को केंद्र में रखकर इस व्यापार समझौते को एक व्यापक और विविध आर्थिक रिश्ते की आधारशिला के रूप में देखा जा रहा है।
भारत ने अब तक किस-किसके साथ किए एफटीए?
भारत ने अब तक श्रीलंका, भूटान, थाईलैंड, सिंगापुर, मलयेशिया, दक्षिण कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और मॉरीशस के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं। इसके अलावा, भारत ने 10 देशों के समूह आसियान और चार यूरोपीय देशों के समूह ईएफटीए (EFTA), आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड के साथ भी व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही, भारत अब तक अमेरिका, यूरोपीय संघ (EU), चिली, पेरू और इस्राइल सहित कई प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ नए व्यापार समझौते पूरी करने पर बातचीत कर रहा है।