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वैश्विक सैन्य खर्च में बड़ी बढ़ोतरी, भारत शीर्ष-3 देशों में हुआ शामिल, अमेरिका-चीन पहले व दूसरे स्थान पर काबिज

Tue, 28 Apr 2020 05:31 AM IST
Rajeev Rai वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
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सेना के साथ नरेंद्र मोदी - फोटो : social media
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स्टॉकहोम स्थित थिंकटैंक ने कहा कि वैश्विक सैन्य खर्च मामलों में 2019 के भीतर भारत-चीन के बीच बड़ी प्रतिस्पर्द्धा हुई है। इसके मुताबिक, वैश्विक सैन्य खर्च के मामले में भारत दुनिया का तीसरा देश बन गया है जबकि चीन दूसरा और अमेरिका ने नंबर एक का तमगा बरकरार रखा है। यह पहली बार है जब सैन्य खर्च के मामले में दो दिग्गज एशियाई देश चीन और भारत विश्व के शीर्ष-3 देशों में शुमार हुए हैं।

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स्टॉकहोम आधारित थिंकटैंक एसआईपीआरआई (स्टॉकहोम अंतरराष्ट्रीय शांति शोध संस्थान) द्वारा सोमवार को जारी एक अध्ययन रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल वैश्विक सैन्य खर्च 2019 में बढ़कर 1,017 अरब डॉलर पहुंच गया है। इस हिसाब से यह 2010 के बाद से अब तक की सर्वाधिक 3.6 फीसदी अधिक खर्च वृद्धि थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका सैन्य खर्च के मामले में टॉप पर रहा जबकि चीन और भारत क्रमश: दुनिया में दूसरे और तीसरे सबसे बड़े सैन्य खर्च करने वाले बने। चीन का सैन्य खर्च 2019 में 261 अरब डॉलर तक पहुंच गया जो 2018 की तुलना में 5.1 प्रतिशत ज्यादा था और भारत का सैन्य खर्च 6.8 प्रतिशत बढ़कर 71.1 अरब डॉलर पर पहुंच गया। वरिष्ठ शोधकर्ता सिएमन टी. वेजमैन ने बताया, भारत के सैन्य खर्च में बढ़ोतरी का अहम कारण चीन और पाकिस्तान के साथ तनाव व प्रतिद्वंद्विता रहे।

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भारतीय सेना - फोटो : PTI
शीर्ष पांच देशों में रूस और सऊदी भी शामिल
रिपोर्ट के मुताबिक, कुल खर्च का 62 फीसदी हिस्सा पांच देश- अमेरिका, चीन, भारत, रूस और सऊदी अरब ने खर्च किया। चीन व भारत के अलावा, जापान (47.6 अरब डॉलर) और दक्षिण कोरिया (43.9 अरब डॉलर) एशिया में सबसे सर्वाधिक सैन्य खर्च करने वाले रहे थे। रूस 2019 में दुनिया का चौथा सबसे बडा ऋणदाता था और उसने अपने सैन्य खर्च को 4.5 फीसदी बढ़ाकर 65.1 अरब डॉलर कर दिया।

2008 की मंदी के बाद खर्च का शीर्ष स्तर
शोधकर्ता डॉ. नान तियान ने कहा, 2010 के मुकाबले 2019 में वैश्विक सैन्य खर्च 7.2 फीसदी अधिक था, जिससे पता चलता है कि सैन्य खर्च में बहुत तेजी आई है। ये 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद से खर्च का शीर्ष स्तर है। यूरोप में, जर्मनी का सैन्य खर्च 2019 में 10 फीसदी बढ़कर 49.3 अरब डॉलर हो गया, जो 2019 में शीर्ष 15 सैन्य खर्च करने वालों में खर्च में सबसे बड़ी वृद्धि है।

भारत ने इस तरह बढ़ाया सुरक्षा खर्च
2017-18 में तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भारतीय सशस्त्र बलों में विकास के लिए 2017 के केंद्रीय बजट में 3,59,000 करोड़ आवंटित किए थे, जो उसके पिछले वित्त वर्ष से लगभग 7 प्रतिशत ज्यादा थे। भारत ने सितंबर 2016 में फ्रांस सरकार के साथ 7.87 अरब यूरो में 36 नए राफेल युद्धक जेट खरीदने का सीधा सौदा भी किया।
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