शीर्ष पांच देशों में रूस और सऊदी भी शामिल
रिपोर्ट के मुताबिक, कुल खर्च का 62 फीसदी हिस्सा पांच देश- अमेरिका, चीन, भारत, रूस और सऊदी अरब ने खर्च किया। चीन व भारत के अलावा, जापान (47.6 अरब डॉलर) और दक्षिण कोरिया (43.9 अरब डॉलर) एशिया में सबसे सर्वाधिक सैन्य खर्च करने वाले रहे थे। रूस 2019 में दुनिया का चौथा सबसे बडा ऋणदाता था और उसने अपने सैन्य खर्च को 4.5 फीसदी बढ़ाकर 65.1 अरब डॉलर कर दिया।
2008 की मंदी के बाद खर्च का शीर्ष स्तर
शोधकर्ता डॉ. नान तियान ने कहा, 2010 के मुकाबले 2019 में वैश्विक सैन्य खर्च 7.2 फीसदी अधिक था, जिससे पता चलता है कि सैन्य खर्च में बहुत तेजी आई है। ये 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद से खर्च का शीर्ष स्तर है। यूरोप में, जर्मनी का सैन्य खर्च 2019 में 10 फीसदी बढ़कर 49.3 अरब डॉलर हो गया, जो 2019 में शीर्ष 15 सैन्य खर्च करने वालों में खर्च में सबसे बड़ी वृद्धि है।
भारत ने इस तरह बढ़ाया सुरक्षा खर्च
2017-18 में तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भारतीय सशस्त्र बलों में विकास के लिए 2017 के केंद्रीय बजट में 3,59,000 करोड़ आवंटित किए थे, जो उसके पिछले वित्त वर्ष से लगभग 7 प्रतिशत ज्यादा थे। भारत ने सितंबर 2016 में फ्रांस सरकार के साथ 7.87 अरब यूरो में 36 नए राफेल युद्धक जेट खरीदने का सीधा सौदा भी किया।